कोलकाता में मेस्सी इवेंट बना अफरा-तफरी का अखाड़ा, फैन्स का गुस्सा क्यों फूट पड़ा?
Messi Kolkata Chaos: मिनटों की मौजूदगी ने तोड़ दिया फैन्स का सपना
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित लियोनेल मेस्सी के इवेंट ने उस वक्त विवाद का रूप ले लिया, जब हजारों की भीड़ अपने चहेते फुटबॉल आइकन को ठीक से देख भी नहीं पाई। जिन फैन्स ने मेस्सी की एक झलक पाने के लिए हजारों रुपये खर्च किए थे, उनकी खुशी कुछ ही मिनटों में नाराजगी में बदल गई।
हजारों फैन्स, महंगे टिकट और अधूरी झलक
लियोनेल मेस्सी को देखने के लिए स्टेडियम में हजारों की संख्या में फैन्स पहुंचे थे। टिकटों की कीमत 5,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक थी। फैन्स को उम्मीद थी कि वे मेस्सी को करीब से देख पाएंगे और उनका पूरा स्टेडियम राउंड एंजॉय कर सकेंगे, लेकिन यह उम्मीद जल्द ही टूट गई।
20 मिनट में ही इवेंट से निकल गए मेस्सी
इवेंट के दौरान मेस्सी करीब 20 मिनट तक ही स्टेडियम में नजर आए। बताया गया कि वे मैदान का पूरा चक्कर भी नहीं लगा पाए। जैसे ही यह साफ हुआ कि मेस्सी इवेंट से जल्दी जाने वाले हैं, स्टैंड में बैठे फैन्स का गुस्सा भड़क उठा।
सिक्योरिटी घेरा बना सबसे बड़ी वजह
स्टेडियम में मेस्सी के चारों ओर भारी सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी थी। इसी कारण स्टैंड में बैठे फैन्स उन्हें साफ तौर पर देख नहीं पा रहे थे। कई फैन्स का कहना था कि उन्होंने मेस्सी को केवल दूर से देखा, वो भी कुछ सेकंड के लिए।
गुस्साए फैन्स, कुर्सियां-बोतलें फेंकी गईं
मेस्सी के स्टेडियम से बाहर निकलते ही हालात और बिगड़ गए। नाराज फैन्स ने पोस्टर होर्डिंग्स तोड़ दिए, बोतलें फेंकी और स्टेडियम के भीतर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिखा कि किस तरह स्टेडियम को नुकसान पहुंचाया गया।
‘10 मिनट भी नहीं दिखे मेस्सी’ – फैन्स का दावा
कई फैन्स का आरोप है कि मेस्सी इवेंट में 10 मिनट से भी कम समय के लिए नजर आए। लोगों का कहना है कि आयोजकों ने इवेंट को लेकर जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए गए, जिससे फैन्स खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ममता बनर्जी का बड़ा कदम, जांच समिति गठित
घटना को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) आशीम कुमार रे करेंगे। समिति में राज्य के मुख्य सचिव और गृह एवं पहाड़ी मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी सदस्य बनाया गया है।
क्या जांच से तय होगी जिम्मेदारी?
जांच समिति को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने, जिम्मेदार पक्षों की पहचान करने और भविष्य में ऐसे आयोजनों में अव्यवस्था न हो, इसके लिए ठोस सुझाव देने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल इवेंट की नाकामी की जिम्मेदारी आयोजकों पर तय होती है या नहीं।
स्टार पावर बनाम मैनेजमेंट फेल्योर
कोलकाता का यह इवेंट दिखाता है कि सिर्फ स्टार पावर के दम पर बड़ा आयोजन सफल नहीं होता। भीड़ प्रबंधन, सिक्योरिटी प्लान और फैन्स की उम्मीदों को संतुलित करना उतना ही जरूरी है। मेस्सी जैसे ग्लोबल आइकन की मौजूदगी ने भी मैनेजमेंट की खामियों को नहीं ढक पाया।