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खैरथल–तिजारा कांग्रेस में घमासान तेज…

कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नई नियुक्ति के बाद खैरथल–तिजारा जिला संगठन में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रैली की तैयारियों की समीक्षा मीटिंग विरोध का मंच बन गई, जहां जिला प्रभारी के सामने ही जिलाध्यक्ष बलराम यादव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया। विधायक, पूर्व विधायक और पदाधिकारियों के विरोध के साथ अब यह मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच चुका है।

रैली की तैयारी मीटिंग में फूटा विरोध—जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग तेज

दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की 14 दिसंबर की ‘बोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली को लेकर जिला प्रभारी फूल सिंह ओला ने किशनगढ़बास में समीक्षा बैठक बुलाई। लेकिन यह बैठक जिलाध्यक्ष के खिलाफ विरोध का केन्द्र बन गई। विधायक ललित यादव, दीपचंद खैरिया और पूर्व विधायक संदीप यादव समेत कई पदाधिकारियों ने बलराम यादव को “बाहरी” बताकर उन्हें बदलने की मांग कर दी।

कांग्रेस मीटिंग से जिलाध्यक्ष को बाहर रखकर निंदा प्रस्ताव पारित

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में जिलाध्यक्ष बलराम यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। पूर्व विधायक संदीप यादव ने निंदा प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन मुंडावर विधायक ललित यादव, किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा और तेजराम सैनी ने किया। सभी पांच ब्लॉकों व 25 मंडलों के अध्यक्ष भी मीटिंग में मौजूद रहे और नाराजगी जताई।

“बाहरी” बताकर विरोध—जड़े अलवर से, वोट शिफ्ट हुआ कोटकासिम

जानकारी के अनुसार, बलराम यादव मूलतः अलवर जिले के रामगढ़ से आते हैं और एक माह पहले ही उन्होंने अपना वोट कोटकासिम तहसील में स्थानांतरित कराया है। इसी कारण उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बाहरी करार देते हुए जिलाध्यक्ष पद के लिए अनुपयुक्त बताया है। नए जिले के गठन के बाद स्थानीय नेताओं को राजनीतिक आधार कमजोर होने का डर भी विरोध की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

जयपुर पहुंचकर नेताओं ने सौंपे इस्तीफे—डोटासरा ने दिया आश्वासन

विरोध के बाद विधायक, पूर्व विधायक और ब्लॉक अध्यक्षों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से Jaipur में मुलाकात की। उन्होंने जिलाध्यक्ष को बदलने की मांग दोहराते हुए ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों के हस्ताक्षरित इस्तीफे सौंप दिए। डोटासरा ने आश्वासन दिया कि 14 दिसंबर की रैली के बाद मामले पर गंभीरता से निर्णय लिया जाएगा।

जिला प्रभारी बोले—रैली पर फोकस जरूरी, नाराजगी की जानकारी दी जाएगी

जिला प्रभारी फूल सिंह ओला ने बताया कि उन्होंने रैली की तैयारियों को लेकर जिम्मेदारियां बांटी हैं और जिले को 70 गाड़ियां दिल्ली भेजने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ नेताओं ने जिलाध्यक्ष को लेकर असंतोष जताया है, जिसकी जानकारी वह उच्च नेतृत्व को देंगे।

जिलाध्यक्ष बलराम का पलटवार—“मेरे खिलाफ कोई प्रस्ताव नहीं”

जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि वह पहले से जिले से बाहर थे और मीटिंग उनके कहने पर आयोजित की गई थी। उन्होंने किसी भी निंदा प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य रैली को सफल बनाना है।

विधायक ललित यादव बोले—कार्यकर्ताओं की भावना के साथ हूं

मुंडावर विधायक ललित यादव ने स्पष्ट किया कि जमीन पर कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है और वह उनकी भावनाओं के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उसका सम्मान करेंगे।

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