UP BJP अध्यक्ष पर सस्पेंस बरकरार, नाम तय लेकिन ‘लिफाफा’ अभी बंद!
⏳ अगले 2–4 दिनों में हो सकता है बड़ा ऐलान, 2027 की रणनीति से जुड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश बीजेपी में जल्द ही बड़ा संगठनात्मक बदलाव होने वाला है। पार्टी को बहुत जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक नाम पर सहमति बन चुकी है, लेकिन आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। खास बात ये है कि यही अध्यक्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी संगठन की अगुवाई करेगा, इसलिए इस फैसले को बेहद रणनीतिक माना जा रहा है।
❓ अध्यक्ष कौन होगा? जाति, क्षेत्र और संगठन—तीनों पर मंथन
राजनीतिक गलियारों में कई सवाल एक साथ खड़े हैं—
- अध्यक्ष किस समाज से होगा?
- वह पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिम यूपी या अवध से आएगा?
- संगठन बनाम सरकार में कौन सा खेमे का नेता होगा?
- अध्यक्ष पुरुष होगा या महिला?
इन सभी सवालों पर चर्चा तो तेज़ है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई नाम सामने नहीं आया है।
🧑🏫 ब्राह्मण चेहरे की सबसे ज्यादा चर्चा
ओबीसी वर्ग से लगातार दो बार अध्यक्ष बनने के बाद इस बार ब्राह्मण चेहरे को आगे लाने की अटकलें तेज हैं।
इस रेस में प्रमुख नाम:
- डॉ. दिनेश शर्मा – पूर्व डिप्टी सीएम, लखनऊ से संबंध, राज्यसभा सांसद
- हरीश द्विवेदी – बस्ती से सांसद, वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव
पार्टी के अंदर एक वर्ग इसे संगठनात्मक संतुलन से जोड़कर देख रहा है।
🟡 PDA समीकरण के जवाब में OBC कार्ड भी तैयार
सपा के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) कार्ड को देखते हुए बीजेपी भी एक बार फिर ओबीसी नेता को मौका दे सकती है। चर्चा में जिन नामों की मौजूदगी है:
- साध्वी निरंजन ज्योति – निषाद समाज, पूर्व केंद्रीय मंत्री
- बीएल वर्मा – लोध समाज, केंद्रीय मंत्री
- धर्मपाल सिंह – पश्चिम यूपी के लोध नेता, यूपी सरकार में मंत्री
- अमरपाल मौर्य – राज्यसभा सांसद
🔵 दलित चेहरे की भी एंट्री, महिला नेता का नाम भी चर्चा में
बीजेपी का एक वर्ग दलित चेहरे को आगे करने की वकालत भी कर रहा है। संभावित नाम:
- विद्यासागर सोनकर – विधान परिषद सदस्य
- रामशंकर कठेरिया – पूर्व केंद्रीय मंत्री
- कांता कर्दम – जाटव समाज, राज्यसभा सांसद और महिला नेता
🤫 ‘चर्चा में जो रहता है, वही अध्यक्ष नहीं बनता’ – अंदरूनी संकेत
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जो नाम ज्यादा उछाले जाते हैं, उनके अध्यक्ष बनने की संभावना कम होती है। ऐसे में कोई ऐसा चेहरा भी सामने आ सकता है जो पूरी तरह चौंकाने वाला हो। इतना तय माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष संघ और बीजेपी का पुराना कार्यकर्ता होगा, किसी दूसरी पार्टी से आए नेता को यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना बेहद कम है।
🏛 कैसे तय होगा नाम? जानिए पूरी प्रक्रिया
- यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह दिल्ली पहुंच चुके हैं
- जेपी नड्डा और बीएल संतोष से मुलाकात के बाद अंतिम नाम पर मुहर लगेगी
- इसके बाद लखनऊ में जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और चुनाव अधिकारियों की बैठक होगी
- बीजेपी के चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल औपचारिक प्रस्ताव रखेंगे
- सहमति बनने के बाद नए अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी
हालांकि पार्टी के अंदर इसे सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया माना जा रहा है।
🔍 राजनीतिक : 2027 की नींव यहीं से रखी जाएगी
नया प्रदेश अध्यक्ष केवल संगठन प्रमुख नहीं होगा, बल्कि वही 2027 की रणनीति, टिकट वितरण की दिशा और हिंदुत्व बनाम सामाजिक संतुलन का चेहरा तय करेगा। यही वजह है कि इस फैसले पर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक गहरी नजर रखी जा रही है