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“बिग बॉस 19 की TRP क्यों टूटी? जानें 5 बड़े कारण”

देश के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 19 ने शुरुआत में धमाकेदार एंट्री मारी थी। सलमान खान की मौजूदगी, तेज बहसें, ग्रुपिंग और ताकतवर दावेदार– सबने मिलकर दर्शकों को यह यकीन दिलाया कि यह सीजन नया इतिहास रचेगा। लेकिन कुछ ही हफ्तों में शो की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई और टीआरपी में लगातार गिरावट आने लगी। आखिर दर्शक शो से क्यों किनारा करने लगे? यहां पढ़िए पांच बड़े कारण, जिन्होंने बिग बॉस 19 की लोकप्रियता को गहरा झटका दिया।

शुरुआत की आग बीच में ही ठंडी पड़ गई

शुरुआती हफ्तों में फरहाना भट्ट का अचानक एविक्शन, तीखी नोकझोंक और ग्रुप की रणनीतियों ने शो को मजबूती दी। लेकिन जैसे-जैसे हफ्ते बीते, कॉन्टेंट दोहराव-सा लगने लगा। वही पुराने झगड़े, किचन वाली तकरार और निजी कमेंट्स—दर्शकों को महसूस हुआ कि वे कुछ नया नहीं देख रहे हैं। इस रिपिटेटिव ड्रामे ने शो की पकड़ धीरे-धीरे कमजोर कर दी।

अनफेयर एविक्शन ने तोड़ा दर्शकों का भरोसा

इस सीजन में सबसे ज्यादा आलोचना “अनफेयर एविक्शन” को लेकर हुई। जीशान कादरी, बसीर अली और अभिषेक बजाज जैसे नामों को कम वोट्स का हवाला देकर बाहर किया गया, जबकि दर्शकों को यह फैसला पक्षपाती लगा। सोशल मीडिया पर #UnfairEviction लगातार ट्रेंड करता रहा। नतीजतन, फैंस को यह लगने लगा कि उनके वोट्स का कोई अर्थ नहीं, जिससे शो पर भरोसा कमजोर हुआ।

कम टास्क ने शो का रोमांच छीना

बिग बॉस की असली पहचान उसके टास्क होते हैं—कैप्टेंसी से लेकर नॉमिनेशन तक हर मोड़ टास्क से ही दिलचस्प बनता है। लेकिन इस सीजन टास्क बहुत कम देखने को मिले। फैंस का मानना था कि मेकर्स जानबूझकर कुछ चुनिंदा कंटेस्टेंट्स को बचाने के लिए टास्क नहीं करवा रहे। कम टास्क का सीधा असर शो के मजे, रणनीति और पारदर्शिता पर पड़ा।

कंटेस्टेंट्स में ‘विनर स्पार्क’ दिखाई नहीं दिया

जैसा कि दर्शक हमेशा चाहते हैं– दमदार, मुखर और स्ट्रॉन्ग खिलाड़ी। लेकिन इस बार नीलम गिरी, नगमा मिराजकर और नटालिया जैसे कई प्रतिभागी सेफ गेम खेलते दिखे। किसी में भी प्रिंस नरूला, गौहर खान या रुबीना दिलैक जैसा विजेता वाला आक्रामक तेवर नजर नहीं आया। इससे सीजन का एंटरटेनमेंट लेवल अपेक्षा से कम रहा।

बड़े नाम भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे

गौरव खन्ना जैसे लोकप्रिय चेहरे से दर्शकों को भारी उम्मीदें थीं, लेकिन वे पूरे सीजन में शांत और बैकफुट पर दिखाई दिए। तान्या मित्तल और अशनूर कौर भी शो में अपनी अलग पहचान नहीं बना सकीं। फरहाना भट्ट ने भले ही शुरुआत में धमाकेदार प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में उनका गेम भी दोहराव का शिकार हो गया।

अगले सीजन में बदलनी होगी रणनीति

बिग बॉस 19 ने शुरुआत में जितनी उम्मीदें जगाईं, अंतिम हफ्तों तक आते-आते उतनी ही निराशा दी। अनफेयर फैसलों, कमजोर कंटेंट और कंटेस्टेंट्स की फीकी परफॉर्मेंस ने शो की टीआरपी को झटका दिया। अगर मेकर्स इन गलतियों से सबक लेते हैं और टास्क, पारदर्शिता और स्ट्रॉन्ग प्लेयर्स पर ध्यान देते हैं, तभी बिग बॉस फिर से अपनी पुरानी बादशाहत हासिल कर पाएगा।

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