जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट्स का संकट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में दूसरे दिन भी बड़ी अव्यवस्था देखने को मिली। तकनीकी खराबी और क्रू की कमी के कारण दर्जनों उड़ानें घंटों लेट रहीं, जबकि कई को अचानक रद्द करना पड़ा। इससे यात्रियों में भारी नाराज़गी और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
यात्रियों की बेबसी: “कहीं भी भेज दो, लेकिन तीन दिन बाद की फ्लाइट मत दो”
इंडिगो के काउंटर पर शुक्रवार को कई यात्रियों की आवाज़ कंपकंपा रही थी।
एक यात्री भावुक होकर बोला—
“भैया, किसी भी फ्लाइट से भेज दो… टिकट तीन दिन बाद की मत करो। इतने दिन कहां रुकेंगे? दूसरी फ्लाइट के पैसे भी नहीं हैं। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।”
एयरपोर्ट के पोर्च में खड़े कई यात्रियों के चेहरों पर थकान, गुस्सा और लाचारी साफ नज़र आ रही थी।
इंडिगो की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित, लगातार दूसरा दिन संकट
इंडिगो एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशन पर शुक्रवार को भी बड़ा असर पड़ा।
कंपनी तकनीकी खामियों और पायलट व क्रू स्टाफ की कमी से जूझती रही।
इस अव्यवस्था के चलते एयरलाइन की उड़ानें तय समय पर संचालित नहीं हो सकीं।
जयपुर से कई बड़े शहरों की उड़ानों में 1 से 13 घंटे की देरी
जयपुर से मुंबई, पुणे, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर और बेंगलुरु समेत कई प्रमुख रूटों पर इंडिगो की उड़ानों में 1 घंटे से लेकर 13 घंटे तक की देरी रिकॉर्ड की गई।
एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोग फ्लोर पर बैठकर अपडेट का इंतज़ार करते दिखाई दिए।
16 उड़ानें ऐनवक्त पर रद्द, यात्रियों में हड़कंप
सबसे बड़ा झटका उन यात्रियों को लगा जिनकी फ्लाइट्स काउंटर पर खड़े-खड़े ही रद्द कर दी गईं।
कुल 16 उड़ानों को अचानक कैंसिल करना पड़ा।
कई यात्री बिना विकल्प के वहीं फंसे रह गए—
न ट्रेन का समय मिल रहा था, न बस की उपलब्धता, और न ही दूसरी फ्लाइट का व्यावहारिक विकल्प।
यात्री फंसे, अतिरिक्त खर्च और अनिश्चितता बढ़ी
अचानक हुए रद्दीकरण के कारण दूर-दराज से आए लोगों को होटल, कैब और खाने पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
स्थानीय यात्रियों के लिए भी अचानक यात्रा योजनाएँ बिगड़ने से निजी और व्यावसायिक काम प्रभावित हुए।
एयरलाइन ने तकनीकी दिक्कतों और क्रू की कमी को बताया कारण
इंडिगो की ओर से जारी आंतरिक जानकारी के अनुसार
कई विमानों में तकनीकी खामियाँ
पायलट और क्रू स्टाफ की अनुपलब्धता
मुख्य कारण रहे।
हालांकि यात्रियों को समय पर स्पष्ट अपडेट नहीं मिलने से नाराज़गी और बढ़ गई।