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संसद का शीतकालीन सत्र शुरू, विपक्ष SIR समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में…

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और यह 19 दिसंबर तक चलेगा। सरकार इस दौरान परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा ढांचा सुधार और कॉरपोरेट/शेयर बाजार से जुड़े 10 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं विपक्ष SIR (मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण) समेत अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।

1️⃣ सर्वदलीय बैठक में चर्चा
विधायी एजेंडे और प्रमुख मुद्दों पर हुई सर्वदलीय बैठक

सत्र के पहले दिन रविवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। विपक्ष की ओर से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रमुक के नेता मौजूद रहे।

2️⃣ विपक्ष की रणनीति: SIR और चुनाव आयोग
प्रमोद तिवारी ने उठाया वोट चोरी का मुद्दा

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के साथ कथित मिलीभगत और वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरना चाहता है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और ‘‘वोट डकैती’’ को रोकना इस सत्र में प्रमुख मुद्दा होगा।

3️⃣ आज की अहम बैठकें
बीएसी और लोकसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठकें

राज्यसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक शाम 4 बजे और लोकसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक शाम 5 बजे होगी। इन बैठकों में शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी समय कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल होंगे।

4️⃣ सत्र की अवधि और सरकार के विधेयक
10 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश होंगे

सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। सरकार इस दौरान परमाणु ऊर्जा क्षेत्र, उच्च शिक्षा ढांचा सुधार और कॉरपोरेट/शेयर बाजार विनियम से जुड़े विधेयक सदन में रखेगी। यह विधेयक देश के रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े हैं।

5️⃣ SIR पर बहस की तैयारी
विपक्ष इस मुद्दे पर हर हाल में बहस चाहता है

विपक्ष SIR (मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण) पर जोर देकर बहस कराना चाहता है। वहीं सरकार ने कहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था होने के कारण संसद के अधीन नहीं है। फिर भी सरकार संकेत दे रही है कि यदि विपक्ष चुनाव सुधार पर व्यापक बहस का प्रस्ताव लाए, तो वह विचार कर सकती है।

6️⃣ विपक्ष के अन्य संवेदनशील मुद्दे
दिल्ली ब्लास्ट, प्रदूषण और वोट चोरी भी होंगे मुद्दे

SIR के अलावा दिल्ली ब्लास्ट, बढ़ते प्रदूषण, वोट चोरी और बीएलओ की आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषयों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार विपक्ष की धार कम करने के लिए राष्ट्रवाद और ‘‘वंदे मातरम’’ बहस की रणनीति अपना सकती है।

7️⃣ चुनावी राज्यों पर नजर
विपक्ष की एकजुटता और चुनावी दबाव

पिछले सत्र की तरह इस बार भी अधिकांश विपक्षी दल SIR मुद्दे पर एकजुट हैं। आगामी विधानसभा चुनावों (बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम) को देखते हुए विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग पर मजबूत दबाव बनाया जाए। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि स्थिति बिगड़ी तो मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर विचार हो सकता है।

8️⃣शीतकालीन सत्र की संभावित राजनीति
तीखी नोकझोंक और जोरदार राजनीतिक टकराव का संकेत

हालात बताते हैं कि शीतकालीन सत्र एक बार फिर भारी शोर-शराबे, तीखी बहस और राजनीतिक टकराव से भरा रहेगा। आगामी दिनों में संसद में कौन किसकी रणनीति पर भारी पड़ता है, यह तय करेगा कि सरकार और विपक्ष के बीच संतुलन कैसे बनेगा।

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