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अलवर की लाल प्याज ने किसानों को रुलाया

अलवर जिले की लाल प्याज के भाव इस बार कम होने की वजह से किसानों को भारी नुकसान देखा जा रहा है , जहां पिछले साल प्याज के भाव 22सौ रु मण यानी 40 kg रहे थे लेकिन इस बार ब्याज के भाव 200 से 500रु मण का भाव चल रहा है । प्याज के भाव इस कदर गिरे कि किसान को अपने खेत से प्याज मंडी में लाने का खर्च और लागत भी नहीं निकल पा रही है , जिससे किसानों में निराशा है । यहां तक कि अनेकों किसानों ने तो प्याज के भाव कम होने के चलते फसल को खेत में ही नष्ट कर दिया या इधर उधर नदी नालों में फेंक आए ।

अलवर जिले में किसानों को प्याज की फसल से अच्छे मुनाफे की उम्मीद रहती है , अलवर की प्याज की मांग देश के अलग अलग राज्यों में हमेशा रहती है हालांकि इस बार प्याज के निर्यात पर रोक लगने से प्याज यही रुक गई और भाव नहीं बढ़ पाए , इसके अलावा पिछले दिनों हुई बारिश से प्याज में गलन और नमी रही जिससे दूसरे राज्यों के व्यापारियों ने जल्द खराब होने के डर से अलवर की प्याज नहीं ली , मंडी व्यापारी अभय सैनी का मानना है कुछ प्रदेशों में प्याज का स्टॉक होने के चलते भी इस बार अलवर की प्याज की मांग कम रही है ।

हमारे यहां महाराष्ट्र और एमपी में प्याज का स्टॉक होता है और वो आउट ऑफ सीजन में बिकती है वैसे महाराष्ट्र और एमपी की प्याज भी बिकने के लिए बहार जाती है लेकिन इस बार अलवर की प्याज में शुरुआत में रोग की शिकायत थी जिसके चलते यहां प्याज का भाव दो रु से आठ रु तक प्याज बेचने को मजबूर रहा जिससे उसकी लागत भी नहीं निकल रही । एक बीघा में लागत करीब 50हजार रु की आती है और प्याज 12से 13 हजार की बैठ रही है , इसका कारण महाराष्ट्र और एम पी की प्याज जो दूसरे देशों में जाती है निर्यात पर रोक के चलते वह प्याज नहीं गई उसके कई कारण है सरकार की नीति दूसरे देशों से व्यवहार और प्याज की गुणवत्ता कई कारण रहे । इस वजह से प्याज का उत्पादन ज्यादा और खर्च कम है इस वजह से प्याज के भाव कम रहे ।

64 हजार हेक्टेयर भूमि यानी ढाई लाख बीघा पर प्याज लगी जिसमें एक लाख परिवार इससे प्रभावित हुए है जिले में 500 1000 करोड़ का नुकसान हुआ है , पप्पू भाई ने कहा अन्य राज्यों की भा मूल्य होता है , दूसरे राज्यों में सरकार मानती है एक बीघा में 50 हजार रु खर्च मानती है और मिल रहा है 15 हजार मिल रहा है तो सरकार किसानों की पूर्ति कर रही है लेकिन हमारे यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही ।

अलवर प्याज मंडी में आए कुछ किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया इस बार उन्हें काफी नुकसान हुआ है एक बीघा खेत में प्याज की फसल में करीब 60 हजार का खर्चा आता है लेकिन एक बीघा का प्याज 20 हजार में भी नहीं बिक रहा जबकि मंडी तक प्याज लाने तक भी काफी खर्चा हो जाता है ।

अलवर की मंडी में रोजाना 40 से 50 हजार कट्टे प्याज की आवक हो रही है आजकल प्याज के भाव 5 से15 रु किलो का भाव चल रहा है वही कुछ अच्छी प्याज के भाव 20 से 30 रु किलो तक भी बिका है ।

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