Gautam Gambhir Report Card: गंभीर की कोचिंग में क्यों लगातार फिसल रही है टीम इंडिया? जानें पूरा रिकॉर्ड…..
➡ लगातार हार के बाद गंभीर की रणनीतियों पर उठ रहे सवाल
गौतम गंभीर बतौर हेड कोच टीम इंडिया को संभाल रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में टेस्ट और ODI दोनों में टीम का प्रदर्शन गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। घरेलू मैदान पर भी भारत को लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप झेलना पड़ा, जिसके बाद गंभीर की योजनाओं और टीम मैनेजमेंट की दिशा पर चर्चा तेज हो गई है।
➡ बीसीसीआई का बड़ा बयान—“गंभीर को हटाने का सवाल ही नहीं”
लगातार खराब नतीजों के बावजूद बीसीसीआई गंभीर के साथ मजबूती से खड़ा है। बोर्ड सूत्रों ने NDTV को बताया कि अभी कोच बदलने का कोई विचार नहीं है। बोर्ड चाहता है कि गंभीर को टीम को फिर से खड़ा करने का समय दिया जाए। उनका कॉन्ट्रैक्ट 2027 वर्ल्ड कप तक तय है।
➡ टेस्ट क्रिकेट में गिरावट—जीत से ज़्यादा हार
गंभीर की कोचिंग में भारतीय टेस्ट टीम अपेक्षा से काफी नीचे फिसल गई है।
– भारत कई मैचों में 300+ का स्कोर बनाने में नाकाम रहा।
– विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास के बाद बल्लेबाजी में गहरा शून्य दिखा।
– टीम आखिरी 2 सालों में घरेलू टेस्ट क्रिकेट में वैसी मजबूती नहीं दिखा पाई जिसके लिए वह जानी जाती थी।
➡ लगातार सीरीज़ हार—WTC फाइनल की दौड़ से भी बाहर
भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने घरेलू ODI सीरीज़ में 3-0 से हराया था। इसके बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से 3-1 की हार मिली।
इतना ही नहीं—टीम पहली बार WTC फाइनल में क्वालिफाई करने से चूक गई, जो कुल गिरावट का बड़ा प्रमाण है।
गंभीर की कोचिंग में भारत का रिकॉर्ड: बड़े झटकों की लंबी सूची
➡ ODI और टेस्ट में ऐतिहासिक हारें
– 27 साल बाद भारत SL के खिलाफ बाइलेटरल ODI सीरीज़ हारा
– 45 साल बाद एक कैलेंडर वर्ष में भारत ODI जीत नहीं पाया
– पहली बार घर में 50 रन से कम में ऑल आउट
– 36 साल बाद घर में न्यूजीलैंड से टेस्ट हार
– 12 साल बाद घरेलू टेस्ट सीरीज़ गंवाई
– 47 साल बाद लगातार 3 होम टेस्ट गंवाए
➡ घरेलू क्रिकेट में भारत की दीवारें टूटती नजर आईं
– पहली बार NZ के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज़ हार
– 12 साल बाद लगातार दो घरेलू टेस्ट हारे
– 30 साल बाद टेस्ट सीरीज़ में भारतीय बल्लेबाज कोई शतक नहीं लगा पाए
– 25 साल बाद SA के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज़ गंवाई
➡ छोटी सी जीत का लक्ष्य भी नहीं चेज़ कर पाई टीम
– पहली बार भारत अपने घर में 200 से कम का लक्ष्य चेज़ नहीं कर पाया (वानखेड़े – 147 रन)
– ENG के खिलाफ 190 का लक्ष्य चेज़ करने में नाकाम
– 124 का आसान टारगेट भी हाथ से फिसला
➡ टीम इंडिया का बॉलिंग और फील्डिंग रिकॉर्ड भी बिगड़ा
– 11 साल बाद 600+ रन खाए
– एडेन मार्क्रम ने 9 कैच लेकर भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी उजागर की
– SA के खिलाफ लगातार दो टेस्ट हार
408 रन की करारी हार—SA ने भारत को किया ध्वस्त
➡ बल्लेबाजी पूरी तरह फेल, गेंदबाजों को मदद नहीं
भारत के सामने 549 रन का असंभव लक्ष्य था और टीम आखिरी दिन सिर्फ 140 रन पर ढह गई।
पहली पारी में भारत 201 पर सिमटा था, जबकि SA ने 489 रन बनाकर मैच की नींव तैयार कर दी थी।
➡ जडेजा ही अकेले लड़े, बाकी बल्लेबाज ढेर
रविंद्र जडेजा ने 54 रन बनाकर थोड़ी लड़ाई दिखाई, लेकिन बाकी बल्लेबाज बुरी तरह लड़खड़ा गए।
हार्मर ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (6/37, मैच में 9 विकेट) से भारत की कमर तोड़ दी।
– एडेन मार्क्रम ने एक टेस्ट में सबसे ज्यादा 9 कैच का रिकॉर्ड बनाया
– भारत ने घरेलू मैदान पर 7 टेस्ट (2023–2025) गंवा दिए—जो 2013–2022 में सिर्फ 2 थे
क्या गंभीर टीम को संभाल पाएंगे?
भारत में एक दौर था जब घरेलू टेस्ट जीतना दुनिया की सबसे मुश्किल चुनौती माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
गंभीर की कोचिंग टीम इंडिया के लिए एक टेस्टिंग फेज बन गई है—जहां टीम नए खिलाड़ियों के साथ नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।