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डूंगरपुर(राजस्थान)— “पानी में जान की बाजी लगाने वाली शेरदिल बेटी”

डूंगरपुर में इंसानियत और साहस की ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने पूरे राजस्थान का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। एक कार पानी में डूबती देख, बिना एक पल गंवाए एक महिला पानी में कूद पड़ी। उसने पहले 11 महीने के मासूम को बचाया और फिर पति-पत्नी को सुरक्षित बाहर निकालकर तीन जिंदगियाँ मौत के मुंह से वापस ले आईं। यह सिर्फ बहादुरी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे चमकदार तस्वीर है।

डूंगरपुर में कार पानी में डूबी, साहसी महिला ने कूदकर मासूम सहित तीन लोगों की जान बचाई

“घटना का क्षण: कार डूबती देख मची अफरा-तफरी”

डूंगरपुर जिले के एक मार्ग पर अचानक एक कार पानी भरे गड्ढे में फंसकर डूबने लगी। कार में एक दंपत्ति और उनका 11 महीने का बच्चा मौजूद था। कार का दरवाजा खुलना भी मुश्किल हो गया और कुछ ही सेकंड में हालात भयावह हो गए। आसपास मौजूद लोग घबराए हुए थे, लेकिन कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

“साहस का परिचय: महिला ने बिना सोचे पानी में लगाई छलांग”

इसी दौरान एक महिला ने परिस्थितियों की गंभीरता को समझते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। वह तेज बहाव और पानी की गहराई की परवाह किए बिना कार तक पहुंची। उसकी यह त्वरित कार्रवाई मौके पर मौजूद सभी को हैरान कर गई।

“पहली प्राथमिकता: 11 महीने के मासूम को बाहर निकाला”

सबसे कठिन काम था कार में फंसे छोटे बच्चे को सुरक्षित निकालना। महिला ने पहले मासूम को अपनी बाहों में उठाया और किनारे मौजूद लोगों तक पहुंचाया। बच्चे की सांसें चलती देखकर मौके पर मौजूद लोग राहत की सांस ले पाए।

“दूसरा चरण: माता-पिता को भी सुरक्षित किया बाहर”

बच्चे को बचाने के बाद महिला दोबारा कार की तरफ लौटी। उसने पहले महिला यात्री को बाहर निकाला और फिर संघर्ष करते हुए कार में फंसे पुरुष को भी सुरक्षित किनारे पहुंचाया। कुछ ही मिनटों में वह तीन लोगों के लिए जीवनदायिनी बन गई।

“समाज का सम्मान: बहादुर बेटी की पूरे क्षेत्र में सराहना”

घटना का वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इस महिला की बहादुरी को सलाम किया। सोशल मीडिया से लेकर प्रशासन तक हर कोई उसकी निर्भीकता और मानवीय संवेदना की प्रशंसा कर रहा है। लोग इसे “जीते-जी देवदूत बनकर उतरने” जैसा करिश्मा बता रहे हैं।

“इंसानियत की मिसाल: जहाँ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते हैं, वहाँ यह महिला कूद पड़ी”

आम तौर पर ऐसी घटनाओं में लोग भीड़ बनकर खड़े रह जाते हैं, लेकिन यह महिला भीड़ से अलग निकलकर जोखिम उठाती है। उसका साहस उन सभी के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल समय में पीछे हट जाते हैं।

“साहस, मानवीयता और समय पर कार्रवाई—तीन जानें बचाने वाली इस बेटी को समाज का सलाम”

यह घटना याद दिलाती है कि असली हीरो वही हैं जो संकट की घड़ी में आगे आते हैं। डूंगरपुर की यह महिला आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

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