इजरायल ने आखिरकार ढेर किया अमेरिका का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी तबातबाई—10 साल की गुप्त ट्रैकिंग के बाद हिजबुल्ला का ‘छाया कमांडर’ हुआ खत्म….
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायल की एक सटीक एयरस्ट्राइक ने हिजबुल्ला की सैन्य संरचना को बड़ा झटका दे दिया। इस हमले में हिजबुल्ला का बेहद खतरनाक, अमेरिका का मोस्ट वॉन्टेड और संगठन का दूसरा सबसे ताकतवर कमांडर—हैथम अली तबातबाई मारा गया। इजरायल पिछले 10 साल से इस शख्स की तलाश में था, जिसे हिजबुल्ला के सैन्य अभियानों की रीढ़ माना जाता था। इस ऑपरेशन ने पूरे क्षेत्र में भूचाल ला दिया है।
बेरूत में इजरायल का सर्जिकल स्ट्राइक, हिजबुल्ला का टॉप कमांडर ढेर
इजरायल ने रविवार को बेरूत के मध्य इलाके में हिजबुल्ला के “चीफ ऑफ स्टाफ” माने जाने वाले तबातबाई को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की। यह वही कमांडर था जो हिजबुल्ला के हथियार नेटवर्क, सैन्य अभियानों और नई रणनीतियों के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। इजरायल इसे वर्षों से खत्म करना चाहता था, और अब जाकर वह मिशन सफल हो पाया।
नईम कासिम के बाद नंबर-2: क्यों था तबातबाई इतना खतरनाक?
टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, तबातबाई हिजबुल्ला के महासचिव नईम कासिम के बाद संगठन का नंबर-2 नेता था। 1968 में बेरूत में जन्मे तबातबाई का बचपन दक्षिण लेबनान में बीता, जहां उसने कम उम्र में ही हिजबुल्ला जॉइन कर लिया। वह हिजबुल्ला की सैन्य विस्तार रणनीति और ईरान समर्थित नेटवर्क का प्रमुख समन्वयक माना जाता था।
अमेरिका ने घोषित किया था ‘मोस्ट वॉन्टेड’, 50 लाख डॉलर का इनाम
अमेरिका ने 2016 में तबातबाई को वैश्विक आतंकियों की लिस्ट में शामिल कर लिया था। 2018 में उसकी लोकेशन या किसी भी गतिविधि की जानकारी देने पर 5 मिलियन डॉलर का इनाम रखा गया। उसकी विशेषज्ञता उसे हिजबुल्ला की सैन्य नीति का सबसे बड़ा ‘ब्रेन’ बनाती थी।
राडवान फोर्स का मुखिया, इजरायल पर हमलों की योजना बनाता था
तबातबाई हिजबुल्ला की खतरनाक “राडवान फोर्स” की कमान संभालता था—यह वही यूनिट है जो इजरायल पर घातक हमले करने के लिए जानी जाती है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, उसने सीरिया और यमन में भी ऑपरेशनल नेतृत्व किया और कई सीमा-पार मिशनों की योजना बनाई।
2015 से खत्म करने की कोशिशें, पर हर बार बच निकलता था
इजरायल ने 2015 में दक्षिणी सीरिया में एक हमले में तबातबाई को टारगेट किया था, लेकिन तब वह बच निकला और उस ऑपरेशन में जिहाद मुगनिया (हिजबुल्ला कमांडर इमाद मुगनिया का बेटा) मारा गया। तब से तबातबाई और भी गुप्त तरीके से हिजबुल्ला के सैन्य ढांचे को मजबूत करता रहा।
नस्र, अजीज और बद्र यूनिटों का भी जिम्मेदार—कई सीमाओं पर फैला था नेटवर्क
तबातबाई हिजबुल्ला की कई मुख्य सैन्य यूनिटों—नस्र, अजीज और बद्र—का प्रमुख समन्वयक था। ये यूनिटें लेबनान के दक्षिणी क्षेत्रों से लेकर लिटानी नदी के पार तक सक्रिय थीं। 2024 में हिजबुल्ला की टॉप लीडरशिप के कमजोर होने पर उसका प्रभाव और भी बढ़ गया।
गोलान हाइट्स तक फैला था प्रभाव, ईरान समर्थित मिलिशियाओं का लिंक मास्टर
तबातबाई को गोलान हाइट्स के पास हिजबुल्ला के सैन्य ढांचे के निर्माण में भी शामिल माना जाता था। वह सीमा-पार अभियानों, हथियार सप्लाई, और ईरान समर्थित मिलिशियाओं के साथ समन्वय का प्रमुख चेहरा था—इसी वजह से वह हिजबुल्ला की सबसे अहम शख्सियतों में गिना जाता था।
एयरस्ट्राइक में 5 की मौत, घनी आबादी वाले क्षेत्र में भारी तबाही
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में 5 लोगों की मौत हुई और 25 से अधिक घायल हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग में बड़ा छेद हो गया और आसपास का इलाका मलबे में बदल गया।
हिजबुल्ला का आरोप—“नागरिक इलाका था, सैन्य गतिविधि नहीं”
हिजबुल्ला सांसद अली अम्मार ने दावा किया कि जिस जगह हमला हुआ, वह पूरी तरह नागरिक क्षेत्र था और वहां किसी सैन्य मौजूदगी का सवाल ही नहीं उठता। इससे पहले भी इजरायल ने सीमा-शहर ऐता अल-शाअब पर हमले किए थे, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी।