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दिल्ली हाईकोर्ट में ‘एकल पट्टा’ केस की सुनवाई टली, अब अगले सप्ताह होगी सुनवाई….

दिल्ली में ‘एकल पट्टा’ नीति को लेकर पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और राज्य सरकार के बीच जारी कानूनी जंग एक बार फिर आगे बढ़ गई है। हाईकोर्ट में तय सुनवाई आज नहीं हो सकी, जिसके चलते अब मामला अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया गया है। इस केस पर पूरे राजस्थान की निगाहें टिकी हैं क्योंकि इसके फैसले का सीधा असर सैकड़ों पट्टों और योजनाओं की वैधता पर पड़ सकता है।

सुनवाई स्थगित—अब अगले सप्ताह तय होगी नई तारीख

दिल्ली हाईकोर्ट में ‘एकल पट्टा’ नीति को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई आज निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। अदालत ने मामले को अगले सप्ताह के लिए पुनः सूचीबद्ध किया है। इस स्थगन के साथ अब सभी पक्षों को दलीलों की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

धारीवाल बनाम राज्य सरकार: क्या है विवाद का केंद्र?

पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘एकल पट्टा’ प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था कई मौजूदा प्रावधानों के विपरीत है और इससे नागरिकों को मिलने वाले स्वामित्व अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, सरकार इस नीति को पारदर्शिता और प्रक्रिया सुधार से जोड़ते हुए इसे आवश्यक परिवर्तन बताती है।

फैसले से प्रभावित होंगे कई आवेदक

‘एकल पट्टा’ मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी काफी महत्वपूर्ण है। इसके फैसले से राजस्थान के हजारों आवेदकों, जमीन मालिकों और शहरी निकायों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए अदालत की अगली सुनवाई को लेकर व्यापक उत्सुकता है।

अगली सुनवाई में क्या होगा?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगली सुनवाई में अदालत नीति की वैधता, प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र जैसे पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई कर सकती है। इसी के आधार पर आगे का रास्ता तय होगा—चाहे नीति में बदलाव की आवश्यकता मानी जाए या सरकार की दलीलों को स्वीकार किया जाए।

पूरे राज्य की निगाहें अदालत पर

एकल पट्टा नीति पर विचाराधीन यह केस अब सिर्फ कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों व राजनीतिक निर्णयों की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल बन गया है। अगली सप्ताह होने वाली सुनवाई से इस विवाद की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

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