2028 चुनाव की तैयारी का कांग्रेस का पहला संकेत लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी की ओर इशारा…
प्रदेश में 45 जिलों सहितअलवर ,खैरथल तिजारा और कोटपुतली बहरोड़ में कांग्रेस ने अपने जिला अध्यक्ष घोषित किए है इनमें अलवर से प्रकाश गंगावत , खैरथल तिजारा से बलराम यादव और कोटपुतली बहरोड़ से इंद्राज गुर्जर अध्यक्ष घोषित किए गए है । कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा इस बार लम्बी राय शुमारी और सर्वे के आधार पर इस बार चयन की प्रक्रिया निभाई , प्रदेश में घोषित 45 नामों में 37 बदले गए है और 8 रीपीट किए गए है । इस पूरी कवायद में प्रक्रिया भले ही लंबी रही लेकिन काफी हद तक कांग्रेस ने प्रयास किया जिसमें सोशल इंजीनियरिंग सहित 2028 के चुनावो को भी ध्यान रखा गया है । आज इसमें बात करेंगे अलवर ,खैरथल और कोटपुतली जिले की ।
सबसे पहले बात अलवर की जहां से योगेश मिश्रा को हटाकर प्रकाश गंगावत को जिम्मेदारी दी गई है , प्रकाश थानागाजी के पूर्व विधायक कृष्ण मुरारी गंगावत के बेटे है जो अशोक गहलोत के काफी नजदीकी माने जाते है , अलवर से 36 नामांकन भरे गए थे उसके बाद रायशुमारी और स्थानीय नेताओं से चर्चा के बाद 6 नामों की लिस्ट बनी , लेकिन प्रकाश टॉप थ्री में नहीं थे फिर भी वह बाजी मार गए , दरअसल इसमें कृष्ण मुरारी गंगावत पुराने कांग्रेस के नेता है जिन्होंने टीकाराम जूली के राजनैतिक करियर के शुरुआती दिनों में काफी मदद की , जिससे जूली और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने प्रकाश के नाम का रिकमंड किया , सरल स्वभाव के प्रकाश अब अलवर कांग्रेस की कमान संभालेंगे ।
इसी तरह खैरथल तिजारा जिले की कमान युवा नेता बलराम यादव को सौंपी गई है , युवा कांग्रेस से सक्रिय रहे बलराम पिछले काफी समय से संघर्षरत रहे है वह किशनगढ़ बास से विधायक के टिकिट की मांग कर चुके थे लेकिन सफलता नहीं मिली , क्षेत्र में खासकर युवाओं में मजबूत पकड़ है और खासकर यादव बेल्ट होने से बलराम की नियुक्ति से कांग्रेस को लाभ मिलेगा , नए बने खैरथल तिजारा जिले में पहले जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी बलराम यादव को मिली है ।
वही कोटपुतली बहरोड़ जिले से इंद्राज गुर्जर को अध्यक्ष बनाया गया है ,पायलट फैक्टर संगठन में दोबारा प्रभावशाली होता नजर आ रहा है ,कोटपुतली-बहरोड़ में एक अनुभवी नेता को जिम्मेदारी देना बेहद रणनीतिक कदम है। इंद्राज भी नए जिले के पहले अध्यक्ष होंगे , लेकिन राठ की राजनीति कुछ अलग तरह की होती है वह तालमेल भी जरूरी है ,विराटनगर से विधायक रह चुके इंद्राज की पहचान एक जमीनी और आक्रामक नेताओं में होती है।वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से भी जुड़े रहे है । वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस में महासचिव है ।
कांग्रेस ने तीनों जिलों में गुर्जर–यादव–जाट– ब्राह्मण – ओबीसी सब संतुलन साधने की कोशिश की है।
इससे आने वाले समय में बड़े स्तर पर सामंजस्य बनाने में पार्टी को मदद मिलेगी।
अलवर में युवा चेहरा है प्रकाश तो तिजारा में युवा-और-अनुभवी संगठन का चेहरा है बलराम वही
कोटपुतली-बहरोड़ में अनुभवी पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर
यह “युवा ऊर्जा + अनुभवी नेतृत्व” का परफेक्ट कॉम्बिनेशन नजर आ रहा है।