ट्रंप का 28-प्वाइंट प्लान: क्या यूक्रेन युद्ध अब थमेगा? पुतिन के सामने जेलेंस्की को करनी पड़ सकती है बड़ी रियायतें….
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस–यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए 28-प्वाइंट वाला एक विशाल शांति-फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसे स्वीकार करना यूक्रेन के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है। प्लान में यूक्रेन से अपनी जमीन छोड़ने, नाटो की उम्मीद छोड़ने और सेना घटाने जैसी भारी शर्तें शामिल हैं। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही इस प्रस्ताव पर ट्रंप से चर्चा करेंगे—लेकिन उन्होंने साफ कहा कि शांति समझौता तभी संभव है जब यूक्रेन की संप्रभुता और “गरिमा” सुरक्षित रहे।
🔶 अमेरिका का गुप्त प्लान हुआ लीक — यूक्रेन को देंगे जमीन, रूस को मिलेगी मान्यता
न्यूज़ एजेंसी AFP के हाथ इस अमेरिकी प्लान का ड्राफ्ट आया, जिससे पता चलता है कि यूक्रेन को लुगांस्क और डोनेट्स्क क्षेत्रों से हटने के लिए कहा गया है।
ये दोनों औद्योगिक क्षेत्र मिलकर ‘डोनबास’ बनाते हैं, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी युद्ध में झुलस रहा है और यूक्रेन के पास इसका आंशिक नियंत्रण है।
साथ ही, यूक्रेन को क्रीमिया को रूस का हिस्सा मानने के लिए भी कहा गया है — और अमेरिका भी इस मान्यता को स्वीकार करेगा। यह यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी कूटनीतिक चोट मानी जा रही है।
🔶 डोनबास में बनेगा ‘डिमिलिटराइज़्ड ज़ोन’, दक्षिणी क्षेत्र होंगे फ्रीज़
प्रस्ताव में कहा गया है कि डोनबास में एक ऐसा इलाका बनेगा जहां कोई भी सेना नहीं होगी।
इसके साथ ही खेरसॉन और जापोरीजिया के दक्षिणी हिस्सों — जिन पर रूस कब्जे का दावा करता है — को मौजूदा लाइन ऑफ कॉन्टैक्ट पर ‘फ्रीज़’ कर दिया जाएगा।
यानी, रूसी सेना जहां है वहीं रहेगी, और यूक्रेन को उन क्षेत्रों पर दावा छोड़ना होगा।
🔶 यूक्रेन को बदलना होगा संविधान, नाटो का सपना हुआ खत्म
यूक्रेन को अपने संविधान में बदलाव कर यह सुनिश्चित करना होगा कि वह भविष्य में नाटो में शामिल होने की बात भी नहीं करेगा।
नाटो भी यूक्रेन में कोई सेना तैनात नहीं करेगा।
साथ ही, यूक्रेन को अपनी फोर्स कम करके लगभग 6 लाख सैनिक पर लाना होगा — यानी लगभग आधी सेना घटानी होगी।
🔶 बदले में सुरक्षा की गारंटी — पोलैंड में तैनात होंगे यूरोपीय फाइटर जेट
अमेरिका ने सुरक्षा के लिए एक मॉडल सुझाया है:
>यूक्रेन को “विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी” मिलेगी
>यूरोपीय लड़ाकू विमान पोलैंड में तैनात किए जाएंगे
>भविष्य में किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका और उसके सहयोगी जवाब देंगे
>हालांकि यह ‘नाटो जैसा’ सुरक्षा प्रावधान होगा, नाटो सदस्यता नहीं।
🔶 100 दिनों में चुनाव कराएगा यूक्रेन, जेलेंस्की पर दबाव बढ़ा
ट्रंप के प्लान में कहा गया है कि यूक्रेन में 100 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएं।
रूस लंबे समय से जेलेंस्की को चुनाव न कराने के लिए निशाना बना रहा था और उन्हें “तानाशाह” तक कह चुका है।
ट्रंप भी इस प्रस्ताव पर जोर दे रहे हैं।
🔶 रूस को मिलेगा बड़ा इनाम — G8 में वापसी और आर्थिक प्रतिबंधों से राहत
संविदा के अनुसार, रूस को वैश्विक अर्थव्यवस्था में दोबारा शामिल किया जाएगा और उसे G8 में वापस आने की अनुमति दी जाएगी।
2014 में क्रीमिया कब्जे के बाद रूस को G8 से बाहर कर दिया गया था।
हालांकि, अगर रूस भविष्य में दोबारा हमला करता है तो प्रतिबंध फिर से लागू होंगे।
🔶 क्या पुतिन की चली पूरी चाल? सैन्य प्रतिबंध नाममात्र
प्लान में रूस पर लगभग कोई बड़ा सैन्य प्रतिबंध नहीं है।
सिर्फ इतना कहा गया है कि “उम्मीद है रूस पड़ोसी देशों पर आक्रमण नहीं करेगा।”
यही वजह है कि विशेषज्ञों का मानना है कि यह ड्राफ्ट रूस की सहमति से तैयार हुआ हो सकता है — हालांकि अमेरिकी अधिकारी इस दावे को नकारते हैं।
🔶 जेलेंस्की–अमेरिका की बातचीत जारी, नई सुरक्षा गारंटी पर भी विचार
कीव में जेलेंस्की ने अमेरिकी सेना सचिव डेनियल ड्रिस्कॉल से मुलाकात की और इस प्लान पर चर्चा का संकेत दिया।
इस बीच, एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका यूक्रेन को नाटो–जैसी सुरक्षा गारंटी देने पर विचार कर रहा है — यानी भविष्य में रूस का बड़ा हमला हुआ तो अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
यह शांति या आत्मसमर्पण? यूक्रेन के लिए सबसे कठिन मोड़
विश्लेषकों के अनुसार:
>यह प्लान रूस को भारी भू-क्षेत्रीय लाभ देता है
>यूक्रेन को नाटो का सपना छोड़ना होगा
>सेना कम करनी होगी
>दक्षिण और पूर्व में कई रणनीतिक इलाके खोने होंगे
>यानी, यह “शांति” से अधिक “सॉफ्ट सरेंडर” जैसा दिखता है।
लेकिन युद्ध से टूट चुके यूक्रेन के सामने विकल्प भी सीमित हैं।
ट्रंप का प्लान लागू हुआ तो युद्ध भले थमे, लेकिन यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय के लिए बदल जाएगी।