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🔴 यूपी ATS अलर्ट मोड में: दिल्ली ब्लास्ट के बाद गोरखपुर के मदरसों की डिटेल तलब….

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भीषण विस्फोट के बाद यूपी ATS ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में यूपी कनेक्शन सामने आने के बाद गोरखपुर जिले के मदरसों की गतिविधियों, स्टाफ, छात्रों और फंडिंग से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां यहां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

🔶 दिल्ली ब्लास्ट में यूपी कनेक्शन के बाद बढ़ी हलचल

दिल्ली ब्लास्ट में संभावित यूपी लिंक सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एटीएस टीम हाई अलर्ट पर आ गई है। जांच एजेंसी ने गोरखपुर जिले पर फोकस करते हुए यहां संचालित सभी मदरसों की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है। इससे पहले NIA और दिल्ली पुलिस ने इस धमाके में कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें हरियाणा के फरीदाबाद से अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर भी शामिल हैं।

🔶 ATS ने मांगी मदरसों की संख्या, स्टाफ, छात्रों और फंडिंग रिपोर्ट

गोरखपुर के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कमलेश मौर्या ने बताया कि ATS ने उनसे मौखिक रूप से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी थीं।


इनमें शामिल है—

>जिले में संचालित कुल मदरसों की संख्या

>रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड मदरसों की लिस्ट

>मदरसों की गतिविधियां

>अध्यापकों और छात्रों की संख्या

>फंडिंग के स्रोत

अधिकारी ने बताया कि मांगी गई सभी जानकारी ATS को उपलब्ध करा दी गई है।

🔶 मदरसा प्रबंधन भी हुआ सतर्क, मांगी गई डिटेल सौंप दी गई

दीवान बाजार स्थित दारूल उलूम हुसैनिया के प्रिंसिपल नजरे आलम ने भी पुष्टि की कि उनसे कुछ अहम जानकारियां मांगी गई थीं।


उन्होंने बताया—

>मदरसा कब से संचालित है

>कुल छात्र-शिक्षक संख्या

>मदरसा रजिस्टर्ड है या नहीं

>यहां चल रही शैक्षणिक गतिविधियां

>मदरसा प्रबंधन ने भी ये सभी विवरण प्रशासन को दे दिए हैं।

🔶 लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट: 15 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया था। धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हुए। NIA ने जांच के दौरान कई राज्यों में छापेमारी कर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।
दबोचे गए आरोपियों में फरीदाबाद से जुड़े कई डॉक्टर भी शामिल हैं, जिनका तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा बताया गया है।

🔶 यूपी में बढ़ी सख्ती, आतंक विरोधी नेटवर्क की गहन पड़ताल

ब्लास्ट के बाद यूपी ATS की इस कार्रवाई का मकसद किसी भी संभावित नेटवर्क की शुरुआती पहचान करना है।
गोरखपुर जैसे संवेदनशील और रणनीतिक जिले में:

>धार्मिक संस्थानों की गतिविधियों

>फंडिंग के पैटर्न

>बाहरी प्रभाव

>संदिग्ध संपर्कों

की गहन जांच से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी साजिश को समय रहते पकड़ने की कोशिश कर रही हैं।
दिल्ली ब्लास्ट की गंभीरता और जांच में लगातार सामने आ रही नई जानकारियां यह संकेत देती हैं कि एटीएस और एनआईए आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठा सकती हैं।

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