अलवर में 11 साल पुराने पुलिस टीम पर फायरिंग मामले में सजा तीन आरोपी दोषी करार, एडीजे कोर्ट नंबर-2 ने सुनाई 7-7 साल कैद…
अलवर की एडीजे कोर्ट नंबर-2 ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने के 11 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों— बिजेंद्र उर्फ बिज्जू, जसवीर उर्फ वीरी और चरण सिंह उर्फ चुन्नू—को सात-सात साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।
सरकारी वकील महेश मीणा के अनुसार घटना 5 जून 2014 की है। उस समय अलवर में एससी/एसटी सेल में तैनात पुलिस उप अधीक्षक मोहम्मद अय्यूब गोकशी कोबरा टीम के साथ रामगढ़ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान रामगढ़ मार्ग से एक बाइक पर तीन युवक आते दिखे, जिनके पास सामान भी रखा हुआ था। पुलिस को देखकर वे अचानक मुड़कर वापस भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने उनका पीछा शुरू किया।
पीछा करने के दौरान तीनों युवकों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिस वाहन का शीशा तोड़ते हुए अंदर घुसी और पीछे बैठे कॉन्स्टेबल सुभाष को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी कुछ दूरी पर बाइक छोड़कर कच्चे रास्ते से जंगल की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने हुलिया नोट कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और बाद में सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। गुरुवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को पुलिस पर हमला और जानलेवा फायरिंग का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।