अलवर में यूआईटी की बड़ी कार्रवाई, 50 बीघा में फैली अवैध प्लाटिंग ध्वस्त…
अलवर में गुरुवार दोपहर शहरी सुधार न्यास (यूआईटी) ने दिल्ली-नेशनल हाईवे से सटी लगभग 50 बीघा कृषि भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को तोड़फोड़ करते हुए ध्वस्त कर दिया। यह जमीन हिंगराज कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसे स्थानीय स्तर पर सहारा वाली जमीन के नाम से भी जाना जाता है।
सूत्रों के अनुसार भूमाफियाओं ने बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर प्लॉट काटकर बेचने शुरू कर दिए थे। 60–60 फीट चौड़ी कच्ची सड़कें बना दी गई थीं और तीन बड़े एंट्री गेट भी तैयार कर दिए गए थे। कुछ प्लॉट एग्रीमेंट के आधार पर बेचे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सूचना मिलते ही यूआईटी की टीम पांच बुल्डोजर, महिला पुलिस और लगभग 10 जवानों के साथ दिवाकर क्षेत्र में हाईवे किनारे पहुंची। टीम को देखते ही अवैध प्लाटिंग करने वाले लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद कार्रवाई शुरू करते हुए सभी कच्ची सड़कें खुदवा दी गईं, तीनों एंट्री गेट तोड़ दिए गए और मार्गों को गड्ढे डालकर बंद कर दिया गया।
यूआईटी के ERO मानवेंद्र जयसवाल ने बताया कि यह जमीन कृषि श्रेणी की है और इसका न तो कन्वर्जन हुआ है और न ही कोई विकास अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा, “भूमाफियाओं ने यहां बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉट काटकर कॉलोनी तैयार करने की कोशिश की थी। इसलिए पूरी प्लाटिंग को बुल्डोजरों की मदद से हटाया गया है।”
यूआईटी का यह अभियान शहर में अवैध कॉलोनियों और अनाधिकृत कब्जों के खिलाफ चल रही लगातार कार्रवाई का हिस्सा है।