अलवर बाजारों की नई पहचान: दुकानों पर एकरूप बोर्ड, घंटाघर से शुरुआत..
नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने और शहर की खूबसूरती को नया रूप देने के लिए अलवर नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानों के ऊपर एक जैसे सूचना बोर्ड दिखेंगे। इस पहल की शुरुआत ऐतिहासिक घंटाघर क्षेत्र से की जा रही है, जहां पुराने बोर्ड हटाकर जयपुर मॉडल पर आधारित नए बोर्ड लगाए जाएंगे।
घंटाघर बाजार में बदलने लगेगी दुकानों की शक्ल-सूरत
अलवर नगर निगम ने व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी दुकानों के बाहर एक जैसे डिजाइन के सूचना बोर्ड लगाएं। बोर्ड का आकार और पैटर्न निगम तय करेगा, जबकि उसका खर्च व्यापारी वहन करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि एक बाजार में यह मॉडल सफल होने के बाद अन्य बाजारों में भी व्यापारी स्वयं इस बदलाव को अपनाएंगे।
जयपुर की तर्ज पर तैयार होगा अलवर का बिजनेस लुक
घंटाघर के साथ-साथ होप सर्कस, त्रिपोलिया, बजाजा बाजार और अन्य प्रमुख बाजारों में भी इसी तरह के यूनिफॉर्म बोर्ड लगाए जाने की योजना है। इस कदम से बाजारों की खूबसूरती बढ़ेगी, साथ ही पर्यटकों को दुकानों की पहचान करने में आसानी होगी। नाइट टूरिज्म को देखते हुए इन बाजारों को आकर्षक बनाने की तैयारी जारी है।
केडलगंज बाजार में अतिक्रमण हटते ही खुली सड़कें
नगर निगम ने केडलगंज बाजार में तीन दिन से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। गुरुवार सुबह यहां का नजारा पूरी तरह बदला-बदला दिखा। निगम कार्यालय के सामने स्थित यह मार्ग हमेशा जाम के लिए बदनाम रहा है, लेकिन अतिक्रमण हटने के बाद सड़क काफी चौड़ी और साफ नजर आई।
अतिक्रमण हटाने से आमजन को बड़ी राहत
आयुक्त सोहन सिंह नरूका के मुताबिक अतिक्रमण के कारण जनता को रोजाना परेशानी होती थी। इसीलिए मुख्य बाजारों में भी अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उनका दावा है कि आने वाले दिनों में शहर के कई प्रमुख रास्ते पहले से ज्यादा चौड़े और आसान नजर आएंगे।
नाइट टूरिज्म कॉरिडोर होगा और आकर्षक
घंटाघर से सागर जलाशय तक के क्षेत्र को नाइट टूरिज्म ज़ोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगर निगम, यूआईटी, पर्यटन विभाग और अन्य कुल पांच विभाग मिलकर इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं। एक जैसे सूचना बोर्ड लगाने की प्रक्रिया इसी बड़े प्रोजेक्ट की पहली कड़ी है, जिसके बाद लाइटिंग, सफाई और सौंदर्यीकरण के कई काम किए जाएंगे।