Rajasthan Anta By-Election 2025: मतदान संपन्न, अब सबकी नजरें नतीजों और एग्जिट पोल पर…
राजस्थान के बारां जिले की चर्चित अंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। शांतिपूर्ण मतदान के बीच शाम 5 बजे तक करीब 77.17% वोटिंग दर्ज की गई। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना और उससे पहले जारी होने वाले एग्जिट पोल पर टिकी हैं। यह उपचुनाव राज्य की राजनीति में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
शांतिपूर्ण माहौल में हुआ मतदान
अंता विधानसभा उपचुनाव में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। राज्य निर्वाचन विभाग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। जिला प्रशासन की निगरानी में सभी मतदान केंद्रों पर पुलिस बल और अर्धसैनिक जवान तैनात किए गए। निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
77.17% मतदान, पिछली बार से थोड़ा कम
शाम 5 बजे तक 77.17% वोटिंग दर्ज की गई, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दर्ज हुए 80.3% मतदान से कुछ कम है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक उत्साह दिखाया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, देर शाम तक अंतिम आंकड़े में मामूली बढ़ोतरी की संभावना है।
राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई
अंता सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस उपचुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा इसे अपनी सत्ता की साख से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इस सीट पर वापसी की कोशिश में है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, जिससे वोटों का समीकरण दिलचस्प हो गया है।
एग्जिट पोल और नतीजों पर टिकी निगाहें
मतदान समाप्त होने के साथ ही अब सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। देर रात तक विभिन्न चैनलों और एजेंसियों द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल का इंतजार किया गया। हालांकि असली तस्वीर 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही साफ होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अंता उपचुनाव का परिणाम आगामी स्थानीय चुनावों के रुझान पर भी असर डाल सकता है।
अंता उपचुनाव ने एक बार फिर साबित किया है कि राजस्थान की राजनीति में हर सीट का अपना विशेष महत्व है। अब देखना यह होगा कि जनता का भरोसा किस दल के पक्ष में जाता है—सत्ता पक्ष के लिए यह जनमत का परीक्षण है, जबकि विपक्ष के लिए यह नए जोश का अवसर।