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अंता उपचुनाव में आज वोटिंग: बीजेपी-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर, निर्दलीयों ने बढ़ाई मुकाबले की रोचकता…

राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर आज मतदान जारी है। यह उपचुनाव न केवल बीजेपी और कांग्रेस के लिए साख की लड़ाई बन गया है, बल्कि कई निर्दलीय उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। बारां जिले की इस सीट पर मतदाता आज तय करेंगे कि 2025 की राजनीतिक दिशा किस ओर मुड़ेगी।

प्रतिष्ठा की सीट बनी अंता

अंता विधानसभा सीट इस बार दोनों प्रमुख दलों — बीजेपी और कांग्रेस — के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व विधायक भंवर सिंह भाटी को मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने युवा चेहरा नरेंद्र नागर पर दांव खेला है। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मामूली अंतर से यह सीट जीती थी, इसलिए इस बार बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है।

निर्दलीयों ने बढ़ाई सियासी गर्मी

इस उपचुनाव की सबसे दिलचस्प बात है निर्दलीयों का मजबूत प्रदर्शन। पूर्व नेता और स्थानीय प्रभावशाली चेहरे भी निर्दलीय के रूप में मैदान में हैं, जिन्होंने जातीय और स्थानीय समीकरणों को बिगाड़ दिया है। निर्दलीयों के कारण मुकाबला अब सीधे दो दलों का नहीं रहा, बल्कि त्रिकोणीय टक्कर बन गई है। यह स्थिति दोनों राष्ट्रीय दलों के लिए चिंता का कारण है।

वोटिंग प्रतिशत और जनता का रुझान

सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। युवा और महिला मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। निर्वाचन विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और शांतिपूर्ण मतदान की अपील की है। स्थानीय मुद्दे — जैसे पेयजल, बेरोजगारी और सिंचाई सुविधाएं — मतदाताओं के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं।

2024 के नतीजों की छाया और 2028 की दिशा

राजस्थान में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद यह उपचुनाव राजनीतिक माहौल की अगली बिसात तय कर सकता है। अगर बीजेपी यह सीट जीतती है तो इसे जनादेश की पुनर्पुष्टि माना जाएगा, जबकि कांग्रेस की जीत संगठन के मनोबल को नई ऊर्जा दे सकती है। इसलिए अंता उपचुनाव के नतीजे न केवल बारां बल्कि पूरे राजस्थान की राजनीति पर असर डालेंगे।

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