फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन, वर्सोवा स्थित घर के बाथरूम में गिरने से गई जान
मुंबई। बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। वह ‘कांटे’, ‘जिंदा’, ‘मुसाफिर’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाने जाते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने घर के बाथरूम में गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई। अधिक खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह परिवार को घटना का पता चला। सूचना मिलने पर वर्सोवा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्सोवा स्थित घर में हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, संजय गुप्ता शुक्रवार रात अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर गए थे। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई। चोट के कारण काफी खून बहने की बात सामने आई है।बताया गया है कि हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे। रातभर किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। शनिवार सुबह जब काफी देर तक उनकी ओर से कोई हलचल नहीं हुई, तब परिवार को हादसे का पता चला। घटना की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
मुंबई पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला
मुंबई पुलिस के अनुसार, संजय गुप्ता वर्सोवा पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित अपने बंगले में पत्नी, दो बच्चों और घरेलू सहायिका के साथ रहते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद वर्सोवा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई है। पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
परिवार ने किसी साजिश की आशंका से किया इनकार
पुलिस के मुताबिक, परिवार ने घटना में किसी तरह की साजिश या संदिग्ध गतिविधि की आशंका से इनकार किया है। शुरुआती जानकारी में इसे बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा बताया गया है।हालांकि, मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर और अतुल अग्निहोत्री जैसे कलाकार नजर आए थे।पहली ही फिल्म से उन्होंने एक्शन और क्राइम-थ्रिलर शैली में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘हमेशा’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
‘कांटे’ से मिली अलग पहचान
संजय गुप्ता को वर्ष 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘कांटे’ से व्यापक पहचान मिली। फिल्म की कहानी, कलाकारों और एक्शन शैली को लेकर काफी चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने ‘जिंदा’, ‘मुसाफिर’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान कायम रखी।उन्होंने ‘जज्बा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। उनकी फिल्मों में एक्शन, अपराध और थ्रिलर शैली प्रमुख रूप से दिखाई देती थी।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक
संजय गुप्ता के निधन की खबर से हिंदी फिल्म जगत में शोक का माहौल है। उनके निर्देशन में बनी फिल्मों ने एक्शन और क्राइम-थ्रिलर सिनेमा में अलग पहचान बनाई।उनके निधन से परिवार, मित्रों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुंचा है। फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना से जुड़े सभी चिकित्सकीय और कानूनी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।