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राजस्थान सरपंच चुनाव: पत्नी की हार के बाद पवन साहू की पहली प्रतिक्रिया, बोले- ‘हम सिर्फ चुनाव हारे हैं’

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा (शाहपुरा) जिले की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव हारने के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उनकी पत्नी कोमल साहू (तेली) चुनाव में तीसरे स्थान पर रहीं। नतीजे घोषित होने के बाद पवन साहू ने समर्थकों के बीच पहुंचकर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने से जिंदगी की राह खत्म नहीं होती और जरूरत पड़ने पर वह रात एक बजे भी समर्थकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

पत्नी की हार के बाद समर्थकों के बीच पहुंचे पवन साहू

फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के दौरान मतदान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की स्थिति भी बनी थी। देर रात परिणाम घोषित होने के बाद पवन साहू ने अपने समर्थकों के साथ बैठकर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने चुनाव प्रचार में साथ देने वाले लोगों का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि उनके पास प्रचार के लिए केवल पांच दिन थे और इतने कम समय में समर्थकों ने पूरी मेहनत की। पवन साहू ने इस मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बताते हुए अपने साथियों के प्रयासों की सराहना की।

‘हम सिर्फ चुनाव हारे हैं, जिंदगी में बहुत कुछ बाकी है’

समर्थकों के बीच पवन साहू ने कहा कि सरपंच का पद ही उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं था। उन्होंने चुनावी नतीजे को स्वीकार करते हुए कहा कि जिंदगी में आगे भी बहुत कुछ करने के अवसर हैं।उनके शब्दों में, “हम सिर्फ चुनाव ही हारे हैं, लेकिन अपने लिए सिर्फ सरपंच पद ही बहुत कुछ नहीं था। सरपंच के अलावा भी अपनी निजी लाइफ में बहुत कुछ है।”उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। पवन साहू ने कहा कि पांच दिनों में जिस तरह से समर्थकों ने मेहनत और भाग-दौड़ की, वह उनके लिए महत्वपूर्ण है।

समर्थकों से किया साथ निभाने का वादा

पवन साहू ने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आने के बावजूद उनका साथ बना रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है और जरूरत पड़ने पर वह हमेशा उपलब्ध रहेंगे।उन्होंने कहा, “जब भी जरूरत होगी, चाहे रात का 1 बज रहा हो, पवन आपके लिए हाजिर हो जाएगा।”उनकी इस प्रतिक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। चुनाव में हार के बाद समर्थकों के प्रति आभार जताने और भविष्य में साथ रहने का उनका संदेश चर्चा में है।

फुलियाखुर्द सरपंच चुनाव का परिणाम

फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में कुल 2,380 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे:

प्रत्याशीप्राप्त वोटस्थान
भगवती लाल सोनी1,203प्रथम
कालूराम जाट797दूसरा
कोमल साहू (तेली)277तीसरा

इन आंकड़ों के अनुसार, भगवती लाल सोनी ने 1,203 वोट हासिल कर सरपंच पद पर जीत दर्ज की। कालूराम जाट दूसरे और कोमल साहू तीसरे स्थान पर रहीं।

चुनाव से पहले विकास कार्यों को लेकर किए थे प्रयास

चुनाव प्रचार के दौरान पवन साहू ने गांव में पानी की समस्या और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उन्होंने अपने निजी संसाधनों से कुछ विकास कार्य शुरू कराने और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने की बात कही थी।हालांकि, चुनाव में मतदाताओं ने अलग-अलग प्रत्याशियों को समर्थन दिया। पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को 277 वोट मिले। परिणाम के बाद पवन साहू ने समर्थकों के प्रयासों को सराहा और आगे भी उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग के कारण चर्चा में पवन साहू

पवन साहू सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की संख्या इस प्रकार बताई गई है:

  • यूट्यूब: करीब 27 मिलियन सब्सक्राइबर
  • फेसबुक: करीब 3 मिलियन फॉलोअर्स
  • इंस्टाग्राम: करीब 7 मिलियन फॉलोअर्स

सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता के कारण फुलियाखुर्द का सरपंच चुनाव भी चर्चा में रहा। हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की संख्या और स्थानीय चुनाव में मिलने वाले वोट अलग-अलग बातें हैं।

मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग के आरोप भी लगे थे

चुनाव के दौरान फर्जी मतदान को लेकर भी आरोप लगाए गए थे। पवन साहू की ओर से मतदान प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि निर्वाचन अधिकारियों की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।फिलहाल चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। पवन साहू ने हार स्वीकार करते हुए समर्थकों का धन्यवाद किया है और भविष्य में भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।

पहले चरण में ओमप्रकाश बिश्नोई को भी मिली थी हार

राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओमप्रकाश बिश्नोई भी सरपंच चुनाव हार गए थे। वह जोधपुर जिले की ओसियां तहसील से चुनाव मैदान में थे।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 1,600 मतदाताओं वाली ग्राम पंचायत में उन्हें 33 वोट मिले थे। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होने के बावजूद स्थानीय चुनाव में उन्हें सीमित समर्थन मिला।इन दोनों चुनावों ने यह दिखाया कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता और ग्राम पंचायत स्तर पर मतदाताओं का समर्थन अलग-अलग आधारों पर तय होता है।


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Stv News Rajasthan

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