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राजस्थान बॉर्डर अलर्ट: बीकानेर के 12 सीमावर्ती गांवों में रात 7 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही पर रोक

बीकानेर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बीकानेर जिले के 12 गांवों में रात के समय आवाजाही पर प्रतिबंध जारी रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा की अवधि अगले दो महीने के लिए बढ़ाई है। आदेश के अनुसार, सीमा से दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले संवेदनशील क्षेत्रों में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति आवागमन नहीं किया जा सकेगा। आपात स्थिति या जरूरी काम के लिए संबंधित BSF चौकी अथवा पुलिस से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने सीमा सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध तस्करी की आशंकाओं को देखते हुए ये कदम उठाए हैं।

सीमा से दो किलोमीटर के दायरे में रात की पाबंदी

भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे बीकानेर जिले के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी रखे हैं। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा की अवधि दो महीने के लिए बढ़ाई है।आदेश के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा से दो किलोमीटर के दायरे में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना वैध अनुमति आवाजाही और अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। यह व्यवस्था सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

खाजूवाला और बज्जू तहसील के 12 गांवों में लागू होंगे आदेश

जिला प्रशासन के अनुसार, ये प्रतिबंध बीकानेर जिले की खाजूवाला और बज्जू तहसील के अंतर्गत आने वाले 12 सीमावर्ती गांवों में लागू रहेंगे।

इन गांवों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. बल्लर
  2. गुलाम अलीवाला
  3. सियासर चौगान
  4. बेरियांवाली
  5. करमवाला
  6. गज्जेवाला
  7. रणजीतपुरा
  8. सांचू
  9. अन्नेवाला
  10. कबरेवाला
  11. भूरासर
  12. मगनवाला

इन क्षेत्रों में रात के प्रतिबंधित समय के दौरान बिना पूर्व अनुमति पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

जरूरी काम के लिए BSF या पुलिस से लेनी होगी अनुमति

प्रशासनिक आदेश में आपातकालीन और अति-आवश्यक परिस्थितियों के लिए अनुमति की व्यवस्था भी रखी गई है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को नजदीकी सीमा सुरक्षा बल (BSF) चौकी या पुलिस से लिखित अनुमति लेनी होगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अनधिकृत आवाजाही पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर लोगों की गतिविधियों का रिकॉर्ड उपलब्ध रखना है। स्थानीय निवासियों को रात में बाहर निकलने से पहले लागू आदेशों और अनुमति की प्रक्रिया की जानकारी रखना जरूरी होगा।

पाकिस्तानी सिम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

सीमा से सटे इलाकों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच को देखते हुए प्रशासन ने पाकिस्तानी लोकल सिम के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया है।आदेश के अनुसार, खाजूवाला, बज्जू और छत्तरगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तानी सिम के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि सीमा पार के मोबाइल नेटवर्क की भारतीय क्षेत्र में पहुंच सुरक्षा संबंधी निगरानी के लिहाज से संवेदनशील हो सकती है।

+92 कोड से आने वाली कॉल का रिकॉर्ड रखने के निर्देश

प्रशासन ने पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कंट्री कोड +92 या 0092 से आने वाली कॉल के रिकॉर्ड को लेकर भी निगरानी के निर्देश दिए हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खाजूवाला, बज्जू और छत्तरगढ़ क्षेत्र में ऐसी कॉल से संबंधित रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को दी गई है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियों और जांच अधिकारियों को संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।हालांकि, कॉल रिकॉर्ड और निगरानी से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही संचालित की जाएगी।

नए सिम कार्ड जारी करने से पहले होगा पहचान सत्यापन

संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए मोबाइल सेवा प्रदाताओं और अधिकृत सिम विक्रेताओं को भी निर्देश दिए गए हैं।नए सिम कार्ड जारी करने से पहले ग्राहक की पहचान और दस्तावेजों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन करना होगा। संदिग्ध या जाली दस्तावेज मिलने पर संबंधित थानाधिकारी को सूचना देने के निर्देश हैं।इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्शन के दुरुपयोग को रोकना और सिम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना है।

बाहरी राज्यों के श्रमिकों का पुलिस सत्यापन जरूरी

सीमावर्ती कृषि भूमि, जिप्सम खनन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के श्रमिकों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया है।निर्देशों के अनुसार, ऐसे श्रमिकों के पहचान पत्र, मूल निवास प्रमाण और पुलिस चरित्र सत्यापन से जुड़े दस्तावेज नजदीकी BSF चौकी और थाने में जमा कराने होंगे। कार्यस्थल पर श्रमिकों को पहचान पत्र साथ रखना होगा।इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की पहचान और उनके ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध रखना है।

व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को भी दिए गए निर्देश

सामरिक और रणनीतिक महत्व की सूचनाओं के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।प्रशासन ने व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को निर्देश दिए हैं कि वे किसी अनजान व्यक्ति को बिना उचित जांच के ग्रुप में शामिल न करें। किसी संदिग्ध सूचना या गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की बात कही गई है।ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी और जवाबदेही लागू कानूनों तथा संबंधित आदेशों के दायरे में तय होगी।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का जोर

बीकानेर के सीमावर्ती गांवों में निषेधाज्ञा की अवधि बढ़ाने के साथ प्रशासन ने आवाजाही, मोबाइल नेटवर्क, सिम कार्ड और बाहरी श्रमिकों के सत्यापन से जुड़े निर्देश भी जारी रखे हैं।इन कदमों का उद्देश्य सीमा पार से संभावित घुसपैठ, अवैध तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करना है। स्थानीय निवासियों को आदेशों का पालन करने और किसी भी जरूरी आवाजाही के लिए निर्धारित अनुमति प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है।


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