अलवर: सकट के चौथ माता मंदिर में उमड़ी सुहागिनों की भीड़, अखंड सौभाग्य के लिए रखा करवा चौथ व्रत
राजगढ़ (अलवर)। करवा चौथ के अवसर पर सकट कस्बे के प्राचीन चौथ माता मंदिर में सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखा। नए परिधान पहनकर महिलाएं समूहों में भजन गाती हुई मंदिर पहुंचीं और चौथ माता की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सुबह और शाम बारिश की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं दिखी। मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में दिनभर मेले जैसा माहौल रहा।
चौथ माता मंदिर में सुबह से जुटने लगीं महिलाएं
सकट कस्बे के प्राचीन चौथ माता मंदिर में करवा चौथ के दिन सुबह से ही महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर मंदिर में दर्शन किए और अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। कई महिलाएं समूहों में भजन गाते हुए मंदिर पहुंचीं। मंदिर परिसर में चौथ माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
बारिश के बीच भी आस्था में नहीं आई कमी
करवा चौथ के दिन सुबह और शाम के समय बीच-बीच में बारिश का मौसम बना रहा। इसके बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और अपने पति की दीर्घायु तथा वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पर्व को लेकर कस्बे में उत्साह दिखाई दिया।
बाजारों में सजीं प्रसाद और शृंगार सामग्री की दुकानें
चौथ माता मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर प्रसाद, शृंगार सामग्री, खानपान और घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मंदिर परिसर के साथ आसपास के बाजारों में भी रौनक रही। पूरे दिन क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा। दुकानदारों को भी पर्व के चलते ग्राहकों की आवाजाही देखने को मिली।
महिलाओं ने सुनी करवा चौथ की कथा
मंदिर के पुजारी हितेश पाराशर ने बताया कि सुहागिन महिलाओं ने चौथ माता की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने मंदिर परिसर और आसपास उपलब्ध स्थानों पर समूहों में बैठकर करवा चौथ की कथा सुनी। उन्होंने सूर्यदेव को जल अर्पित किया और बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।महिलाओं ने चौथ माता से अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए मनौती भी मांगी।
खांड के करवे भेंट कर लिया बड़ों का आशीर्वाद
करवा चौथ की परंपरा के अनुसार महिलाओं ने खांड से बने करवे अपने से बड़ी महिलाओं को भेंट किए। इसके बाद उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान धार्मिक परंपराओं और पारिवारिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया।सकट के चौथ माता मंदिर में आयोजित पूजा-अर्चना ने करवा चौथ के अवसर पर धार्मिक आस्था, परंपरा और उल्लास का माहौल बनाया। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी से कस्बे में पूरे दिन पर्व की रौनक बनी रही।