डूंगरपुर पंचायत चुनाव: टोंकवासा में सरपंच सहित सभी 7 वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित
आसपुर (डूंगरपुर)। राजस्थान के डूंगरपुर जिले की टोंकवासा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से अनूठी मिसाल पेश की है। गांव की 36 कौम के लोगों ने एकजुट होकर चुनाव में आपसी प्रतिस्पर्धा और फिजूलखर्ची रोकने का निर्णय लिया। इसके बाद सरपंच से लेकर सभी सात वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए। सरपंच पद पर संतोष मालीवाड़ को चुना गया। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव में होने वाला खर्च गांव के विकास पर लगाया जा सकता है। वहीं, बनकोड़ा ग्राम पंचायत में भी तीन वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए हैं।
टोंकवासा में ग्रामीणों ने जाजम पर बैठकर लिया फैसला
डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र की टोंकवासा ग्राम पंचायत में पंचायती राज चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चुनाव कराने का फैसला किया। गांव की 36 कौम के लोग एक जाजम पर बैठे और आपसी सहमति से पंचायत का बोर्ड चुनने पर चर्चा की।इसके बाद विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारी जताने वाले लोगों ने गांव के फैसले का समर्थन किया और अपने नाम वापस ले लिए। ग्रामीणों का उद्देश्य चुनावी प्रतिस्पर्धा के कारण होने वाले खर्च और आपसी मनमुटाव को कम करना बताया गया है। इस सहमति के बाद पंचायत के सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
संतोष मालीवाड़ बने सरपंच, सातों वार्ड पंच भी निर्विरोध
नामांकन प्रक्रिया के दौरान सरपंच पद के लिए संतोष मालीवाड़ ने पर्चा दाखिल किया। निर्धारित समय सीमा में किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।इसी तरह पंचायत के सभी सात वार्डों में एक-एक उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया। अन्य प्रत्याशी नहीं होने के कारण सभी सातों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
निर्विरोध निर्वाचित वार्ड पंचों की सूची इस प्रकार है:
- वार्ड 1: हनुमासिंह चौहान
- वार्ड 2: हेमेंद्रसिंह राठौड़
- वार्ड 3: भमुकुंवर
- वार्ड 4: संतोष मीणा
- वार्ड 5: पुष्पा मीणा
- वार्ड 6: प्रताप कुंवर चौहान
- वार्ड 7: हीरा गायरी
इस तरह टोंकवासा ग्राम पंचायत में सरपंच और सभी सात वार्ड पंचों का चयन बिना मतदान के हो गया।
दो दिन की चर्चा के बाद बनी सर्वसम्मति
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत को निर्विरोध चुनने की कवायद दो दिन पहले शुरू हुई थी। इस दौरान गांव के लोगों ने आपसी बातचीत के जरिए सभी पदों पर सहमति बनाने का प्रयास किया। गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान इस फैसले को अंतिम रूप दिया गया।ग्रामीणों का मानना है कि चुनाव में होने वाला खर्च बचाकर उसे गांव के विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा से कई बार आपसी भाईचारे पर भी असर पड़ता है। सर्वसम्मति से प्रतिनिधि चुनने का उद्देश्य गांव में एकता बनाए रखना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
उपसरपंच के लिए भी सहमति बनाने की चर्चा
टोंकवासा में निर्विरोध चुने गए वार्ड पंचों के बीच उपसरपंच पद को लेकर भी सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वार्ड पंचों ने आपसी बातचीत के जरिए इस पद के लिए सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया है।हालांकि, उपसरपंच का औपचारिक निर्वाचन निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना है। इसके लिए शनिवार को मतदान अधिकारी की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी दी गई है।
बनकोड़ा ग्राम पंचायत में भी तीन वार्ड पंच निर्विरोध
डूंगरपुर जिले की बनकोड़ा ग्राम पंचायत में भी वार्ड पंच चुनाव के दौरान तीन उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। नामांकन पत्रों की वापसी के बाद वार्ड नंबर 2 से शंकर, वार्ड नंबर 5 से रिया जैन और वार्ड नंबर 6 से प्राशु कलाल निर्विरोध निर्वाचित हुए।निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा के बाद समर्थकों ने उम्मीदवारों को बधाई दी और फूल-मालाओं से स्वागत किया। हालांकि, बनकोड़ा में सरपंच पद के लिए तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पंचायत के चार मतदान केंद्रों पर कुल 3,177 मतदाता पंजीकृत बताए गए हैं, जिनमें 1,633 पुरुष और 1,544 महिला मतदाता शामिल हैं। इसलिए सरपंच पद के लिए मतदान कराया जाएगा।
पंचायत चुनाव में आपसी सहमति की मिसाल
टोंकवासा में सरपंच और सभी सात वार्ड पंचों का निर्विरोध चुना जाना ग्रामीणों की सामूहिक सहमति का उदाहरण है। वहीं, बनकोड़ा में तीन वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन के बावजूद सरपंच पद पर चुनावी मुकाबला जारी है।इन दोनों पंचायतों की स्थिति दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर कुछ पदों पर सर्वसम्मति बन सकती है, जबकि अन्य पदों के लिए मतदान जरूरी रहता है। अब टोंकवासा में निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने ग्रामीणों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।