जैसलमेर में खेत में गिरा बम, जोरदार धमाके से दहला इलाका; बाल-बाल बचा किसान
जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र में गुरुवार दोपहर खेत में बम गिरने से जोरदार धमाका हुआ। घटना 3 केएनएम क्षेत्र में किसान तुलसाराम के खेत में हुई। धमाके के समय किसान खेत में काम कर रहा था। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलने पर मोहनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। शुरुआती आशंका है कि चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में परीक्षण के दौरान निशाना चूकने से बम खेत में गिरा हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मोहनगढ़ के खेत में दोपहर करीब एक बजे हुआ धमाका
जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र के 3 केएनएम में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। जानकारी के अनुसार, धमाका किसान तुलसाराम के खेत में बम गिरने से हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में हलचल मच गई।घटना के समय किसान खेत में ट्रैक्टर से काम कर रहा था। अचानक हुए धमाके से वह घबरा गया। राहत की बात रही कि किसान को कोई चोट लगने की सूचना नहीं है और घटना में जनहानि नहीं हुई।
चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में परीक्षण के दौरान निशाना चूकने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोहनगढ़ के नजदीक स्थित चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में परीक्षण के दौरान निशाना चूकने से बम खेत में गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।सूचना मिलने पर मोहनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी। बम कहां से आया और किन परिस्थितियों में खेत में गिरा, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल लेने लौटते समय बाल-बाल बचा किसान
किसान के मुताबिक, वह खेत में ट्रैक्टर से काम कर रहा था। उसका मोबाइल फोन उससे करीब 100 से 150 मीटर दूर रखा हुआ था। वह मोबाइल लेने जा रहा था, तभी उसके भाई ने फोन कर वापस आने की बात कही। इसके बाद वह लौट गया।किसान के अनुसार, कुछ देर बाद अचानक जोरदार धमाका हुआ। उसने बम को गिरते हुए नहीं देखा, लेकिन आवाज सुनकर वह घबरा गया। बाद में वह ट्रैक्टर लेकर घर की ओर चला गया, ताकि बच्चे डरें नहीं। इसके बाद वह घटनास्थल पर वापस लौटा।
ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में खेतों और आबादी के आसपास इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। उनका कहना है कि किसान परिवार की आजीविका के लिए खेतों में काम करने जाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।एक ग्रामीण ने दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी सीमा पार से बम गिरने जैसी घटनाएं हुई हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। हालांकि, पूर्व की घटनाओं और मौजूदा मामले के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बम मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों की जांच जरूरी
खेत में बम गिरने की घटना के बाद उसकी पहचान, स्रोत और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों को संदिग्ध वस्तु से दूरी बनाए रखनी चाहिए और उसे छूने या हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देना जरूरी है।फिलहाल मोहनगढ़ की इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बम गिरने के कारणों और फायरिंग रेंज से संभावित संबंध की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।