राजस्थान में ACS शिखर अग्रवाल APO, संपत्ति विवाद के बीच देर रात सरकार का आदेश; प्रशासनिक कारण बताए
जयपुर। राजस्थान सरकार ने उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और राजकीय उपक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल को APO कर दिया है। कार्मिक विभाग ने देर रात आदेश जारी कर उन्हें आगामी आदेशों तक पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा है। आदेश में इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्रवाल की पत्नी IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर और अन्य परिजनों से जुड़ी करीब 20 विला की खरीद का मामला चर्चा में है। अग्रवाल फिलहाल विदेश यात्रा पर बताए जा रहे हैं। हालांकि, APO आदेश में संपत्ति विवाद को कारण नहीं बताया गया है।
देर रात जारी हुआ APO का आदेश
राजस्थान सरकार ने शिखर अग्रवाल को प्रशासनिक कारणों से APO करने का निर्णय लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उन्हें आगामी आदेशों तक पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है।अग्रवाल वर्तमान में उद्योग, MSME एवं राजकीय उपक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके पास अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी थीं।उनके पदनाम में भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण के विशेषाधिकारी, विनियोजन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (DORA) और निवेश संवर्धन ब्यूरो के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद शामिल बताए गए हैं।इसके अलावा, वह रीको के अध्यक्ष तथा राजसिको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
संपत्ति विवाद के बीच आया सरकार का फैसला
शिखर अग्रवाल को APO किए जाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब उनकी पत्नी IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर और अन्य परिजनों तथा रिश्तेदारों की करीब 20 विला की खरीद का मामला सुर्खियों में है।इस संपत्ति खरीद को लेकर चर्चाएं सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।हालांकि, संपत्ति से जुड़े विवाद की पूरी परिस्थितियों, खरीद के दस्तावेजों और किसी संभावित जांच की स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।सरकार के आदेश में अग्रवाल को APO करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। इसलिए संपत्ति विवाद को इस फैसले की आधिकारिक वजह मानना फिलहाल उचित नहीं होगा।
विदेश यात्रा पर बताए जा रहे हैं शिखर अग्रवाल
जानकारी के अनुसार, शिखर अग्रवाल इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। इसी दौरान उनके APO किए जाने का आदेश सामने आया है।अग्रवाल इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाए जाने के समय भी उनके पदस्थापन को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा हुई थी।अब उद्योग और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी को APO किए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
11.56 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति का विवरण
केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की 31 दिसंबर 2025 तक की अचल संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया गया था। इसमें राजस्थान कैडर के 281 अधिकारियों की जानकारी शामिल बताई गई है।उपलब्ध संपत्ति विवरण के अनुसार, शिखर अग्रवाल की अचल संपत्ति का वर्तमान मूल्य 11.56 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।संपत्ति संबंधी उपलब्ध जानकारी में प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:
- अधिकारी: शिखर अग्रवाल
- बैच: 1993
- पद: अतिरिक्त मुख्य सचिव
- संपत्ति का स्थान: उदयपुर, जयपुर और अलवर
- संपत्तियों का विवरण: फार्म हाउस, होटल और रिसॉर्ट सहित 14 यूनिट
- बताया गया वर्तमान मूल्य: 11.56 करोड़ रुपये से अधिक
- संपत्ति से वार्षिक आय: करीब 88 लाख रुपये
- संयुक्त स्वामित्व: पत्नी प्रशाखा माथुर के साथ संपत्ति होने का उल्लेख
यह आंकड़े अचल संपत्ति के घोषित विवरण से संबंधित हैं। संपत्ति का मूल्य या उससे होने वाली आय अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। किसी विवाद का निष्कर्ष दस्तावेजों और संबंधित जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की संपत्ति का भी हुआ था खुलासा
अधिकारियों की अचल संपत्ति के सार्वजनिक विवरण में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का नाम भी शामिल है।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके नाम पर 10.30 लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज बताई गई है। वहीं, शिखर अग्रवाल की घोषित संपत्ति का मूल्य 11.56 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।हालांकि, इन आंकड़ों की तुलना करते समय संपत्ति के प्रकार, संयुक्त स्वामित्व, मूल्यांकन की तारीख और विवरण में शामिल परिसंपत्तियों के दायरे को ध्यान में रखना जरूरी है।संपत्ति विवरण अधिकारियों की घोषित अचल संपत्तियों से संबंधित होते हैं। केवल कुल मूल्य के आधार पर किसी अधिकारी के आचरण या संपत्ति की वैधता पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर निवेश विभाग तक संभाली अहम जिम्मेदारियां
शिखर अग्रवाल राजस्थान कैडर के 1993 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं।बाद में उन्हें उद्योग, MSME और राजकीय उपक्रम विभाग की जिम्मेदारी दी गई। निवेश संवर्धन और औद्योगिक विकास से जुड़े विभागों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।अब APO किए जाने के बाद उनके पदस्थापन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों को लेकर आगे के सरकारी आदेशों पर नजर रहेगी।
संपत्ति विवाद और APO आदेश पर आगे क्या?
शिखर अग्रवाल को APO किए जाने के बाद दो महत्वपूर्ण पहलू चर्चा में हैं। पहला, संपत्ति खरीद से जुड़ा विवाद और दूसरा, सरकार का प्रशासनिक निर्णय।फिलहाल, सरकार ने आदेश में प्रशासनिक कारणों का उल्लेख किया है। संपत्ति विवाद और APO के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।अब संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों, स्वामित्व और खरीद से जुड़े तथ्यों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।वहीं, अग्रवाल के नए पदस्थापन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर भी आगामी आदेश महत्वपूर्ण होंगे।