रावला ड्रोन हथियार तस्करी केस: पाकिस्तान में बैठे ‘चाचा अली’ के इशारे पर RDX-हथियार गिराने का आरोप, मुख्य आरोपी सुक्खा गिरफ्तार
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए RDX और विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। मामले में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा को पंजाब में पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर ‘चाचा अली’ के संपर्क में था। आरोप है कि उसी नेटवर्क के जरिए भारत में विस्फोटक और हथियारों की खेप पहुंचाई गई। फिलहाल सुक्खा से पंजाब की खुफिया एजेंसी पूछताछ कर रही है। राजस्थान ATS भी उसे गिरफ्तार कर आगे की जांच करने की तैयारी में है।
पंजाब में पकड़ा गया रावला मामले का मुख्य आरोपी
रावला ड्रोन हथियार तस्करी मामले में कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा की भूमिका जांच के केंद्र में आ गई है। उसे पंजाब में पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, फिलहाल उसे राजस्थान ATS के हवाले किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच के मुताबिक, सुक्खा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों और विस्फोटक की खेप प्राप्त करने के नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संपर्कों, गतिविधियों और कथित मददगारों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में सीमा पार से खेप भेजने और भारत में उसे उठाने वाले नेटवर्क की अन्य कड़ियां सामने आ सकती हैं।
पाकिस्तान में बैठे ‘चाचा अली’ से संपर्क का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर ‘चाचा अली’ के संपर्क में था। आरोप है कि इसी संपर्क के जरिए भारत में RDX और विदेशी हथियारों की खेप पहुंचाने की व्यवस्था की गई।मामले में पहले गिरफ्तार किए गए पंजाब के दो युवकों से पूछताछ के दौरान सुक्खा का नाम सामने आया था। आरोप है कि दोनों युवक उसके कहने पर रावला क्षेत्र में ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने पहुंचे थे।हालांकि, पाकिस्तान में बैठे व्यक्ति की पहचान, नेटवर्क की पूरी संरचना और सीमा पार से खेप भेजने की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है। इन सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
दो गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए फिरोजपुर जिले के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर जिले के सुखविंदर सिंह रायसिख की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया।एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के अनुसार, अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं।इससे पहले राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने हनुमानगढ़ रोड स्थित रीको पुलिस चौकी में दोनों आरोपियों से पूछताछ की थी। पूछताछ में सुक्खा की कथित भूमिका और नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई गई।
खेत में ड्रोन से गिराए गए थे तीन पैकेट
मामला 12 अक्टूबर की रात का है। रावला क्षेत्र की 12 केएनडी ग्राम पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित एक खेत में ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी।बताया गया कि घटनास्थल खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर था। सूचना मिलने पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की।इसी दौरान खेप उठाने पहुंचे पंजाब के दो युवकों को पकड़ लिया गया। इसके बाद बरामद सामग्री की जांच और मामले से जुड़े लोगों की तलाश शुरू की गई।
7.75 किलो RDX, पिस्टल और कारतूस बरामद
संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीन पैकेटों से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- 7.75 किलोग्राम RDX
- 2 जिगाना पिस्टल
- 4 मैगजीन
- 867 कारतूस
- बैटरियां और रिमोट जैसी डिवाइस
बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार और विस्फोटक कहां पहुंचाए जाने थे तथा इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला, साजिश की जांच जारी
सीमा के पास ड्रोन के जरिए विस्फोटक और हथियार गिराए जाने का मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है। इस प्रकरण में खेप भेजने वाले संपर्कों, उसे प्राप्त करने वाले लोगों और संभावित अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।एटीएस और अन्य एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और बरामद सामग्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित खेप का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।हालांकि, देश को दहलाने की साजिश या किसी विशेष हमले की योजना से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी। केवल विस्फोटक और हथियार बरामद होने के आधार पर किसी संभावित लक्ष्य या हमले के उद्देश्य को निश्चित नहीं माना जा सकता।
सुक्खा से पूछताछ के बाद खुल सकते हैं नेटवर्क के राज
कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उससे होने वाली पूछताछ पर है।मुख्य सवाल हैं कि कथित हैंडलर ‘चाचा अली’ से उसका संपर्क कैसे था, खेप की व्यवस्था किसने की और भारत में उसे प्राप्त करने की जिम्मेदारी किन लोगों को दी गई थी।फिलहाल मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपों की जांच जारी है। सुक्खा की औपचारिक गिरफ्तारी, राजस्थान ATS की आगे की कार्रवाई और अन्य संदिग्धों की भूमिका से जुड़े विवरण सामने आने के बाद पूरे नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।