अलवर में जहरीली दवा के सेवन से 37 वर्षीय विवाहिता की मौत, पति और सास पर प्रताड़ना का आरोप
अलवर। अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में जहरीली दवा के सेवन से 37 वर्षीय विवाहिता सुमन गुप्ता की मौत का मामला सामने आया है। घटना काला कुआं स्थित साउथ वेस्ट ब्लॉक की है। मृतका के पीहर पक्ष ने उसके पति और सास पर बेटा नहीं होने के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
काला कुआं स्थित घर में हुई घटना
जानकारी के अनुसार, सुमन गुप्ता एनईबी थाना क्षेत्र की निवासी थीं। उनका करीब 13 वर्ष पहले काला कुआं के साउथ वेस्ट ब्लॉक निवासी अमित गुप्ता से विवाह हुआ था। अमित गुप्ता की बजाजा बाजार में अमित ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।बताया गया है कि सुमन ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया था। इसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना की परिस्थितियों और दवा के सेवन से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
पीहर पक्ष ने पति और सास पर लगाए आरोप
मृतका के पीहर पक्ष का आरोप है कि बेटा नहीं होने के कारण सुमन को मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। उन्होंने पति अमित गुप्ता और सास तारामणि पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।पीहर पक्ष के मुताबिक, लगातार मानसिक परेशानी के चलते सुमन ने कथित तौर पर सेल फोर्स नामक जहरीली दवा का सेवन किया। हालांकि, प्रताड़ना और घटना के बीच संबंध की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतका के पीहर पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल, पति और सास पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक स्थिति
सुमन गुप्ता की मौत के मामले में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और पीहर पक्ष की शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।फिलहाल, घटना से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।