खरगे की मोदी पर टिप्पणी से राजस्थान में सियासी घमासान, भाजपा ने मांगी सार्वजनिक माफी
जयपुर/चित्तौड़गढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित विवादित टिप्पणी पर राजस्थान में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने बयान की आलोचना की। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। राठौड़ ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं, बगड़ी ने कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल अनुचित है। सीपी जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक हताशा में इस तरह के बयान दे रहे हैं।
मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वीडियो संदेश जारी कर खरगे की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक विरोध में मर्यादा भूल रहा है। राठौड़ के मुताबिक, विपक्ष को सरकार की नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। लेकिन नीतियों की आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणी के बीच अंतर होना चाहिए।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं से संयमित भाषा की अपेक्षा की जाती है। राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व से बयान पर आत्ममंथन करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता नेताओं के व्यवहार और उनके बयानों पर नजर रखती है।
राजनीतिक विरोध में भाषा की मर्यादा पर जोर
मदन राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने के लिए तर्क और संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी नेता की नीतियों से असहमति होने पर उसके फैसलों की आलोचना की जा सकती है। लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां राजनीतिक संवाद की गरिमा को प्रभावित करती हैं।राठौड़ ने पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति के साथ हुई कथित मारपीट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विचारों से असहमति होने पर हिंसा का सहारा लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है। इस तरह की घटनाओं का आकलन संबंधित तथ्यों और पूरे घटनाक्रम के आधार पर किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का किया उल्लेख
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों से मिले सम्मानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 40 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री को सर्वोच्च सम्मान दिए हैं।राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री की नीतियों का विरोध करना है, तो तथ्यों और मुद्दों के आधार पर करना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित होता है। उन्होंने कांग्रेस से खरगे के बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई।
श्रवण सिंह बगड़ी बोले- कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने भी खरगे की टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटाक्ष में बदल रही है। बगड़ी के अनुसार, लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक संवाद की गरिमा बनाए रखें।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संवैधानिक व्यवस्था के शीर्ष पदों में से एक पर आसीन हैं। ऐसे में उनकी आलोचना भी मर्यादित भाषा में की जानी चाहिए। बगड़ी ने कांग्रेस नेतृत्व से बयान पर स्पष्टीकरण देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
सीपी जोशी ने बयान को राजनीतिक हताशा से जोड़ा
चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से समर्थन नहीं मिलने पर कांग्रेस के नेता इस तरह की बयानबाजी करते हैं।जोशी ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए ऐसे बयान दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी कभी राष्ट्रविरोधी तो कभी विदेशी ताकतों का सहारा लेकर राजनीति करने की कोशिश करती है। ये आरोप जोशी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन पर कांग्रेस का पक्ष सामने आने के बाद विवाद के दूसरे पहलू को भी समझा जा सकेगा।
खरगे की टिप्पणी पर भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ा विवाद
मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है। राजस्थान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं के बयान से राजनीतिक विवाद और तेज हुआ है।इस मामले में खरगे की टिप्पणी का पूरा संदर्भ, कांग्रेस की प्रतिक्रिया और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच बयान की मूल सामग्री और संदर्भ के आधार पर ही पूरे विवाद का आकलन किया जाना चाहिए। फिलहाल, भाजपा नेताओं ने टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है।