नागौर में हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां सरपंच चुनाव में आमने-सामने, राजबाला जीतीं; मीरा को मिले सिर्फ 21 वोट
नागौर: राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण के नतीजों में नागौर जिले के बरणगांव ग्राम पंचायत का मुकाबला चर्चा में रहा। यहां सांसद हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां सरपंच पद के लिए आमने-सामने थीं। खास बात यह थी कि दोनों आपस में सगी बहनें हैं। चुनाव में प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल ने जीत दर्ज की, जबकि दिवंगत रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल को हार का सामना करना पड़ा। मीरा को महज 21 वोट मिले। हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव में हुए इस मुकाबले पर नागौर सहित प्रदेश के राजनीतिक हलकों की नजर थी।
बरणगांव में दो भाभियों के बीच सीधा मुकाबला
नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच पद का चुनाव इस बार खास चर्चा में रहा। इसकी वजह सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार की दो बहुओं का चुनाव मैदान में आमने-सामने होना था। राजबाला बेनीवाल और मीरा बेनीवाल दोनों सरपंच पद की दावेदार थीं।दोनों के बीच मुकाबले ने गांव के चुनाव को सुर्खियों में ला दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद राजबाला बेनीवाल ने जीत हासिल की। वहीं, मीरा बेनीवाल को केवल 21 वोट मिले। इस नतीजे के साथ बरणगांव की सरपंची बेनीवाल परिवार के पास ही रही।
राजबाला बेनीवाल ने 149 वोटों से दर्ज की जीत
चुनाव परिणाम के अनुसार, राजबाला बेनीवाल ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मीरा बेनीवाल को 149 वोटों से हराया। राजबाला सांसद हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी हैं। जीत के बाद अब गांव की पंचायत की जिम्मेदारी उनके पास होगी।बरणगांव में सरपंच पद के लिए महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैदान में छह महिला प्रत्याशी थीं। मुख्य चर्चा राजबाला और मीरा के बीच मुकाबले को लेकर रही। दोनों के पारिवारिक संबंधों के कारण चुनाव परिणाम को लेकर लोगों में विशेष दिलचस्पी थी।
राजबाला और मीरा सगी बहनें
इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि जीतने वाली राजबाला और चुनाव हारने वाली मीरा आपस में सगी बहनें हैं। राजबाला, हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी हैं। वहीं, मीरा उनके दिवंगत भाई रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी हैं।एक ही परिवार की दो बहुओं और सगी बहनों के आमने-सामने चुनाव लड़ने से बरणगांव का मुकाबला चर्चा में आ गया था। हालांकि, चुनाव में दोनों की किस्मत अलग-अलग रही। राजबाला को जीत मिली, जबकि मीरा को केवल 21 वोटों से संतोष करना पड़ा।
रामप्रसाद बेनीवाल करीब 25 साल तक रहे थे सरपंच
बरणगांव की सरपंची को लेकर बेनीवाल परिवार का पुराना जुड़ाव भी इस चुनाव को चर्चा में रखने की एक वजह रहा। जानकारी के अनुसार, हनुमान बेनीवाल के दिवंगत भाई रामप्रसाद बेनीवाल करीब 25 साल तक गांव के सरपंच रहे थे।इस बार उनकी पत्नी मीरा बेनीवाल भी सरपंच पद के लिए मैदान में उतरी थीं, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी। दूसरी ओर, प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला ने चुनाव जीत लिया। नतीजे के बाद पंचायत की कमान परिवार की दूसरी बहू के हाथ में आ गई है।
चुनाव प्रचार से दूर रहे हनुमान बेनीवाल
बरणगांव में अपने परिवार की दो महिलाओं के बीच चुनावी मुकाबले के बावजूद सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुद को प्रचार से दूर रखा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने किसी भी भाभी के पक्ष में खुलकर प्रचार नहीं किया।गांव में सरपंच पद को लेकर स्थानीय समीकरणों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों प्रत्याशियों के पारिवारिक संबंधों ने चुनाव को खास बना दिया था। अब परिणाम घोषित होने के बाद राजबाला बेनीवाल के सामने पंचायत के विकास और स्थानीय जरूरतों को लेकर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
अब गांव के विकास पर रहेगी नजर
सरपंच का चुनाव गांव के विकास और स्थानीय सुविधाओं से सीधे जुड़ा होता है। ऐसे में राजबाला बेनीवाल के सामने अब पंचायत की जिम्मेदारियां निभाने की चुनौती होगी। ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और गांव की बुनियादी जरूरतों पर काम करना उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण पहलू रहेंगे।बरणगांव का यह चुनाव इसलिए भी चर्चा में रहा, क्योंकि इसमें पारिवारिक रिश्तों के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। नतीजों ने मुकाबले की तस्वीर साफ कर दी है। राजबाला बेनीवाल सरपंच चुनी गईं, जबकि मीरा बेनीवाल को केवल 21 वोट मिले।