बांसवाड़ा: दो महीने बाद होनी थी बेटी की शादी, उससे पहले उठी पिता की अर्थी; कुवैत में दिनेश प्रजापत का निधन
बांसवाड़ा जिले के कुशलकोट गांव निवासी 40 वर्षीय दिनेश प्रजापत का कुवैत में अचानक निधन हो गया। उनकी बेटी की शादी दो महीने बाद तय थी। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में दिनेश ही एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
बेटी की शादी की तैयारियों के बीच छाया मातम
बांसवाड़ा जिले के कुशलकोट गांव में दिनेश प्रजापत के निधन से शोक का माहौल है। परिवार में बेटी की शादी को लेकर तैयारियां चल रही थीं। लेकिन खुशियों के इस अवसर से पहले ही परिवार को गहरा सदमा लगा।40 वर्षीय दिनेश प्रजापत पुत्र जीवा प्रजापत रोजी-रोटी के लिए कुवैत में काम करते थे। उनकी बेटी की शादी दो महीने बाद होनी थी। वहीं, परिवार में 12 साल का बेटा भी है।
सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश को पिछले बुधवार सुबह सीने में हल्का दर्द हुआ था। इसके बाद उनके साथी उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों को मिली जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने दिल का दौरा पड़ने को मौत का कारण बताया। हालांकि, इसकी स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है।दिनेश के निधन की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया।
दो दिन की कोशिशों के बाद गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
दिनेश के निधन के बाद कुवैत में रहने वाले समाज के लोगों ने परिवार की मदद की। जानकारी के अनुसार, लोगों ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क किया।इसके बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करवाई गई। समाज के लोगों के सहयोग से शुक्रवार को दिनेश का पार्थिव शरीर पैतृक गांव कुशलकोट पहुंचा।गांव में परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल गमगीन रहा।
परिवार में अकेले कमाने वाले थे दिनेश
दिनेश प्रजापत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। ऐसे में उनके अचानक निधन से परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।उनकी 18 वर्षीय बेटी की शादी तय थी। वहीं, 12 साल का बेटा भी है। परिवार के सामने अब शादी की तैयारियों और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
परिवार के लिए मुश्किल हुआ आगे का रास्ता
दिनेश के निधन से परिवार ने अपना सहारा खो दिया है। बेटी की शादी से पहले पिता की मौत ने परिजनों को गहरे दुख में डाल दिया।कुशलकोट गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीण परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। इस दुखद घटना ने विदेश में काम करने वाले श्रमिकों के परिवारों की चुनौतियों को भी सामने रखा है।