राजस्थान: देवली में अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा जब्त, डेढ़ करोड़ रुपये की बताई जा रही कीमत
दीपावली से पहले राजस्थान के टोंक जिले के देवली शहर में पुलिस ने अवैध पटाखों के भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रीको एरिया, पनवाड़ मोड़ और शहर के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 250 से अधिक कर्टन पटाखे जब्त किए। जब्त पटाखों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में रोहित जैन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवली में कई स्थानों पर पुलिस की दबिश
पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर बुधवार रात संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की। इसमें टोंक डीएसटी और देवली थाना पुलिस शामिल रही। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश और देवली थानाधिकारी प्रीति रत्नू के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली।जांच के दौरान देवली के रीको एरिया, पनवाड़ मोड़ और शहर में गोदामों, किराए के गोदाम तथा एक दुकान पर पटाखों का भंडारण मिला। पुलिस ने मौके से विभिन्न ब्रांडों के 250 से अधिक कर्टन जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है।
रोहित जैन गिरफ्तार, विस्फोटक अधिनियम में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में रोहित जैन (40) पुत्र राकेश को गिरफ्तार किया है। वह भीलवाड़ा जिले के हनुमाननगर थाना क्षेत्र की ज्योति कॉलोनी का निवासी बताया गया है।पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा 5 और 9बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब जांच में पटाखों के भंडारण से जुड़े दस्तावेजों, अनुमति और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। भंडारण में किन नियमों का उल्लंघन हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
दीपावली से पहले बढ़ी पुलिस की सतर्कता
दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय है। नियमों के अनुरूप भंडारण और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर आग या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।देवली में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस पटाखों के स्रोत और भंडारण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, जब्त पटाखों की कीमत और भंडारण की वैधता से संबंधित सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डीएसटी और देवली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में टोंक डीएसटी की टीम से उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, सहायक उपनिरीक्षक शरीफ मोहम्मद, हेड कांस्टेबल हंसराज और कांस्टेबल राजेश, राधाकिशन, राधामोहन, रुकमकेश, प्रधान, विक्रान्त तथा शिवपाल शामिल रहे।वहीं, देवली थाना पुलिस की टीम में निरीक्षक प्रीति रत्नू, उपनिरीक्षक महावीर, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल सिंह, भारत सिंह, सत्यनारायण और कांस्टेबल मनीष, रामकिशन, धारासिंह, रामसिंह, मुकेश तथा चालक कांस्टेबल प्रभुलाल शामिल थे।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान पटाखों के भंडारण, उनकी खरीद और संबंधित अनुमति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।