अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल: लॉरेंस बिश्नोई का भांजा 16 दिन से भूख हड़ताल पर, अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के अजमेर स्थित घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर बंदी सचिन उर्फ संदीप पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर था। बुधवार को उसकी तबीयत को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर वार्ड में सशस्त्र गार्ड तैनात किए हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी ने 5 अक्टूबर से भोजन करना बंद कर दिया था। हालांकि, उसने भूख हड़ताल को लेकर कोई लिखित आवेदन या मांग पत्र नहीं दिया था। सचिन को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा बताया जा रहा है।
5 अक्टूबर से बंदी ने नहीं किया भोजन
जेल प्रशासन के मुताबिक, सचिन उर्फ संदीप ने 5 अक्टूबर से खाना खाना बंद कर दिया था। जेल प्रशासन की ओर से उसे प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन उसने भोजन ग्रहण नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि बंदी ने भूख हड़ताल शुरू करने के संबंध में कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया। उसने अपनी मांगों से जुड़ा कोई दस्तावेज भी जेल प्रशासन को नहीं सौंपा। लगातार कई दिनों तक भोजन नहीं करने के बाद उसे अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया।
मई 2024 में जोधपुर से अजमेर जेल किया गया था शिफ्ट
सचिन उर्फ संदीप मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के बहाववाला क्षेत्र स्थित दुतारावाली का निवासी बताया गया है। उसे मई 2024 में जोधपुर केंद्रीय कारागार से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल में उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए गए अन्य बंदियों के साथ रखा गया था। बाद में बैरक में सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की घटना सामने आई। इसके बाद सचिन और उसके साथियों को अलग-अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।
शुरुआत में नवरात्र के व्रत की कही थी बात
जेल प्रशासन के अनुसार, सचिन ने शुरुआत में भोजन नहीं करने की वजह नवरात्र के व्रत को बताया था। हालांकि, नवरात्र के नौ दिन पूरे होने के बाद भी उसने खाना नहीं खाया। इस दौरान वह जेल कैंटीन से फल और अन्य सामान ले रहा था। उसने पूजा से जुड़ी सामग्री भी ली थी और मौन व्रत रखा था। भूख हड़ताल के दौरान उसके वकील ने भी उससे मुलाकात की। इसके बावजूद बंदी ने भोजन करना शुरू नहीं किया।
अस्पताल के कैदी वार्ड में सुरक्षा बढ़ाई
लगातार 16 दिन तक भोजन नहीं करने के बाद सचिन को जेएलएन अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने वहां सशस्त्र गार्ड तैनात किए हैं। जेल प्रशासन ने इस घटनाक्रम की जानकारी जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। अस्पताल में बंदी की स्वास्थ्य स्थिति और भूख हड़ताल जारी रहने को लेकर आगे की जानकारी सामने आना बाकी है।
जेल अधीक्षक ने क्या कहा?
हाई सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार, सचिन उर्फ संदीप लगातार 16 दिनों से भूख हड़ताल पर था। इसी वजह से उसे जेएलएन अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल भूख हड़ताल के पीछे बंदी की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि जेल प्रशासन को उसकी ओर से कोई लिखित मांग पत्र नहीं मिला।