#राज्य-शहर

राजस्थान: हत्या से रंगदारी तक लॉरेंस गैंग का नाम, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश का भी आरोप

राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में पिछले कई वर्षों के दौरान फायरिंग, रंगदारी और हत्या जैसी वारदातों की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के नाम सामने आते रहे हैं। वर्ष 2017 में कारोबारियों को धमकाने और उनके घरों पर फायरिंग की घटनाओं से चर्चा में आया यह नेटवर्क बाद में कई गंभीर मामलों से जुड़ा। अब सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश को लेकर भी पुलिस जांच में गैंग से जुड़े बताए जा रहे आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोढ़ा के फार्महाउस की रेकी की थी। इन घटनाओं ने क्षेत्र में संगठित अपराध और कारोबारियों व जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

कारोबारी के घर फायरिंग और रंगदारी की धमकी

वर्ष 2017 में जोधपुर के शास्त्रीनगर क्षेत्र में हैंडीक्राफ्ट कारोबारी रितेश लोहिया के घर फायरिंग का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में अनमोल बिश्नोई का नाम भी सामने आया। आरोप था कि लॉरेंस गैंग से जुड़े हरेंद्र ने कारोबारी को फोन कर रंगदारी मांगी थी। मांग पूरी नहीं होने पर बदमाशों ने कारोबारी के घर और कार पर गोलियां चलाईं। घटना के बाद व्यापारिक जगत में डर का माहौल बना। इस मामले ने जोधपुर में गैंग से जुड़े अपराधों को लेकर चिंता बढ़ाई।

वासुदेव इसरानी हत्याकांड से बढ़ी चिंता

सितंबर 2017 में जोधपुर के सरदारपुरा क्षेत्र में कारोबारी वासुदेव इसरानी पर गोलीबारी हुई थी। घटना में इसरानी और उनके कर्मचारी नेमीचंद घायल हो गए थे। बाद में इसरानी की मौत हो गई। पुलिस जांच में रंगदारी की धमकी और हत्या के बीच संबंध की आशंका सामने आई। मामले में पवन सोलंकी सहित कई आरोपियों की भूमिका की जांच की गई। जांच के दौरान जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगियों के बीच संपर्क की बात भी सामने आई थी। इस हत्याकांड ने कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की।

कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगने के मामले

इसके बाद के वर्षों में जोधपुर में कारोबारियों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आईं। ट्रेवल्स कारोबारी मनीष जैन और अस्पताल संचालक सुनील चांडक से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले भी चर्चा में रहे। आरोपों के अनुसार, रंगदारी के लिए धमकियां दी गईं और कुछ घटनाओं में कारोबारियों के घरों पर फायरिंग की गई। मनीष जैन के कार्यालय तक पहुंचकर उनकी कार में आग लगाने की घटना का भी जिक्र सामने आया। इन मामलों में पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और कथित गैंग नेटवर्क की जांच की।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश

हाल ही में राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश का खुलासा करने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोढ़ा के फार्महाउस की रेकी की थी। इस मामले में पंजाब, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से फार्महाउस की तस्वीरें और रेकी से जुड़े साक्ष्य मिले। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

संगठित अपराध और सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मारवाड़ में रंगदारी, फायरिंग और हत्या के मामलों में कथित गैंग नेटवर्क का नाम सामने आने से कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हुई है। कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने के आरोप सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच, आरोपियों के बीच संपर्क और अपराध की योजना से जुड़े साक्ष्यों की अहम भूमिका होती है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा से जुड़े मामले में भी आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कथित साजिश में किन लोगों की क्या भूमिका थी।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *