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अलवर टाइगर मैराथन 7 फरवरी 2027 को, 6 से 8 फरवरी तक होगा टाइगर फेस्टिवल

अलवर में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अलवर टाइगर मैराथन और टाइगर फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे। टाइगर मैराथन 7 फरवरी 2027 को होगी, जबकि तीन दिवसीय टाइगर फेस्टिवल 6 से 8 फरवरी तक चलेगा। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और अलवर महापौर सुमनलता अग्रवाल ने मैराथन की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। वहीं, भिवाड़ी नगर परिषद की सभापति गुंजन खटाना ने आयोजन का वीडियो जारी किया। पिछले साल मैराथन में 22 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया था।

7 फरवरी को होगी अलवर टाइगर मैराथन

अलवर टाइगर मैराथन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोजन की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई है।वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और अलवर महापौर सुमनलता अग्रवाल ने वेबसाइट का लोकार्पण किया। वहीं, नगर परिषद भिवाड़ी की सभापति गुंजन खटाना ने मैराथन का प्रचार वीडियो जारी किया।आयोजकों का उद्देश्य धावकों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों को इस आयोजन से जोड़ना है। मैराथन के जरिए फिटनेस के साथ वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया जाएगा।

6 से 8 फरवरी तक होगा तीन दिवसीय टाइगर फेस्टिवल

कार्यक्रम के दौरान वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अलवर में तीन दिवसीय टाइगर फेस्टिवल आयोजित करने की घोषणा की। यह फेस्टिवल 6 से 8 फरवरी 2027 तक चलेगा।इस दौरान वन विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य बाघों के संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।टाइगर फेस्टिवल के जरिए अलवर की वन्यजीव पहचान को सामने लाने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर रहेगा। इससे वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों को क्षेत्र से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

6 फरवरी को आयोजित होगा अलवर बर्ड फेस्टिवल

टाइगर मैराथन से पहले 6 फरवरी 2027 को राजस्थान वन विभाग की ओर से अलवर बर्ड फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा।इस आयोजन के माध्यम से पक्षियों, उनके प्राकृतिक आवास और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।फरवरी में बर्ड फेस्टिवल, टाइगर फेस्टिवल और मैराथन के आयोजन से प्रकृति एवं वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों को अलवर आने का अवसर मिलेगा। इन कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्र में पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।

पिछले साल मैराथन में शामिल हुए थे 22 हजार से ज्यादा धावक

वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि पिछले साल आयोजित अलवर टाइगर मैराथन में 22 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आगामी मैराथन के लिए पंजीकरण कराएं और अधिक संख्या में भाग लें। मैराथन का उद्देश्य केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।पिछले आयोजन में बड़ी संख्या में धावकों की भागीदारी को देखते हुए इस बार भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

अलवर को वन्यजीव पर्यटन के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने की तैयारी

टाइगर मैराथन, टाइगर फेस्टिवल और बर्ड फेस्टिवल को एक साथ आयोजित करने की योजना से अलवर की प्राकृतिक और वन्यजीव संपदा को प्रमुखता मिलेगी।इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जंगलों के संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को बचाने के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम में सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, उपमहापौर अजय पुनिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, क्रय-विक्रय समिति एवं सहकारिता बैंक के अध्यक्ष संजय नरूका, निवर्तमान जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, मैराथन संयोजक अरुण जैन, लक्ष्मी नारायण गुप्ता और अजय अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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Stv News Rajasthan

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