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नागौर फसल बीमा घोटाला: ई-मित्र संचालक से सरकारी शिक्षक बने पुखराज जाट गिरफ्तार, 7.67 लाख के क्लेम की जांच

राजस्थान के नागौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कथित फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुखराज जाट पहले ई-मित्र संचालक था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने उसे ब्यावर जिले के ठाकरवास गांव स्थित राजकीय विद्यालय से गिरफ्तार किया। मामले में दूसरे की जमीन पर फर्जी बंटाईदार बनकर बीमा क्लेम उठाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक 15 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।

फर्जी दस्तावेजों से 7.67 लाख रुपये का क्लेम लेने का आरोप

नागौर निवासी वेदप्रकाश सांखला ने 25 अगस्त 2026 को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, चूंटीसरा पटवार हल्का स्थित उनकी सहखातेदारी भूमि पर वर्ष 2021 में खरीफ की मूंग की फसल के लिए कथित तौर पर फर्जी बंटाईदार बनकर बीमा कराया गया।आरोप है कि कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वास्तविक खातेदार की जानकारी के बिना बीमा क्लेम की राशि अपने बैंक खातों में जमा करवा ली। इस मामले में पुलिस ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू की।

तीन बैंक खातों में जमा हुई थी राशि

परिवादी की शिकायत के अनुसार, कथित फर्जी क्लेम की राशि तीन लोगों के बैंक खातों में जमा हुई थी। इसका विवरण इस प्रकार है।

  • कैलाशराम पूनिया: 2,77,168 रुपये
  • सुमन देवी: 2,84,388 रुपये
  • सरोज: 2,05,929 रुपये

इन तीनों खातों में कुल 7,67,485 रुपये जमा होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की गई। हालांकि, भुगतान की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होगी।

ब्यावर के स्कूल से गिरफ्तार हुआ पुखराज जाट

पुलिस के अनुसार, मांझवास निवासी पुखराज जाट पहले ई-मित्र संचालक था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक है। उसे ब्यावर जिले के ठाकरवास गांव स्थित राजकीय विद्यालय से गिरफ्तार किया गया।यह कार्रवाई फसल बीमा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) और जिला विशेष टीम (DST) के संयुक्त प्रयासों से की गई। नागौर वृत्ताधिकारी जतिन जैन के सुपरविजन में टीम ने कार्रवाई की।पुलिस अब पुखराज से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दस्तावेज तैयार करने, आवेदन जमा कराने और बीमा क्लेम की राशि प्राप्त करने में उसकी कथित भूमिका क्या थी।

बीरबलराम कमेडिया और पत्नी बसंती भी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने इससे पहले बीरबलराम कमेडिया और उसकी पत्नी बसंती को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। दोनों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था।पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुखराज जाट की भूमिका की जांच की गई और बाद में उसे गिरफ्तार किया गया। शिकायत में फसल बीमा कंपनी के दलाल बीरबलराम कमेडिया और ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम सहित अन्य लोगों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया है।इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और बीमा आवेदन प्रक्रिया की जांच कर रही है।

SIT और DST की संयुक्त कार्रवाई

इस मामले की जांच में महिला थाना नागौर के थानाधिकारी सुरेश कुमार, DST मेड़ता सिटी के उपनिरीक्षक पूर्णमल तथा DST नागौर के ओमप्रकाश, धर्माराम और राजेश मूंडेल सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।पुलिस का कहना है कि फसल बीमा क्लेम से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान किन स्तरों पर प्रक्रिया अपनाई गई।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी

जांच अधिकारी एवं महिला थाना नागौर के थानाधिकारी सुरेश कुमार के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच किए जाने की जानकारी दी।अब पुलिस के सामने कथित फर्जी क्लेम की पूरी प्रक्रिया का पता लगाने और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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Stv News Rajasthan

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