अलवर में मां और दो मासूम बच्चों की मौत, छोटी बहन गंभीर घायल; पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली थाना क्षेत्र के दांतिया गांव में एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत से सनसनी फैल गई। रविवार सुबह तीनों घर के एक कमरे में गंभीर रूप से घायल मिले थे। उपचार के दौरान महिला और उसके पांच वर्षीय बेटे तथा तीन वर्षीय बेटी ने दम तोड़ दिया। महिला की छोटी बहन भी गंभीर रूप से घायल हुई, जिसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है। शुरुआती जानकारी में धारदार हथियार से हमला किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मौतों के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होंगे।
बंद कमरे में लहूलुहान मिले मां और दोनों बच्चे
अलवर जिले के दांतिया गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के कमरे से बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो कमरे में ऊषा शर्मा और उनके दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले।बताया गया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। ग्रामीणों ने दरवाजा खोलकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। घटना की सूचना मिलने पर खेड़ली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।प्रारंभिक जानकारी में महिला द्वारा बच्चों पर धारदार वस्तु से हमला करने और खुद को घायल करने की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उपचार के दौरान मां और दोनों बच्चों की मौत
घायलों को ग्रामीणों की मदद से खेड़ली के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने पांच वर्षीय मुकुल को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उपचार के दौरान उसकी मां ऊषा शर्मा और तीन वर्षीय बहन नंदिका की भी मौत हो गई।इस घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। तीन लोगों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छोटी बहन भी गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर
घटना के समय ऊषा की छोटी बहन मनीषा भी घर पर मौजूद थी। जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों की शादी एक ही परिवार में हुई थी।बताया गया कि अपनी बहन और बच्चों को गंभीर हालत में देखकर मनीषा सदमे में आ गई। इस दौरान उसे भी चोटें आईं। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया।शुरुआत में दोनों बहनों के बीच विवाद होने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से उनके बीच झगड़े की पुष्टि नहीं होने की जानकारी सामने आई। पुलिस इस पहलू समेत घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
बच्ची को बाहर खेलने जाने से रोका था
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऊषा शर्मा ने अपनी तीन वर्षीय बेटी नंदिका को घर से बाहर खेलने जाने से मना किया था। इसके बाद वह अपने पांच वर्षीय बेटे मुकुल और बेटी को लेकर कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।कुछ समय बाद कमरे से चीख-पुकार सुनाई दी। ग्रामीणों ने अंदर जाकर देखा तो तीनों गंभीर रूप से घायल थे।हालांकि, बच्ची को बाहर जाने से रोकने और बाद में हुई घटना के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटना के क्रम, संभावित कारणों और परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है।
घटना के समय घर पर नहीं थे पुरुष सदस्य
जानकारी के अनुसार, ऊषा के पति अमित शर्मा गुजरात में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वहीं, मनीषा के पति अंकित शर्मा जयपुर के एक निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी हैं।घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य भी घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया कि ससुर बृजभूषण शर्मा गांव में चुनाव प्रचार के लिए गए हुए थे, जबकि सास और ननद बच्चों को लेकर खेत पर गई थीं।पुलिस इन परिस्थितियों और घटना से पहले के घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल किसी एक वजह को घटना का कारण मानने की पुष्टि नहीं हुई है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने पर कठूमर के सीओ जोगिंदर सिंह राजावत और खेड़ली थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।खेड़ली थाना अधिकारी विजय चंदेल के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।फिलहाल पुलिस घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। किसी संभावित हत्या या आत्महत्या से जुड़े निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।