श्रीगंगानगर: घर में पानी का कनेक्शन नहीं, 85 वर्षीय विधवा को थमाया ₹79,755 का बिल
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में 85 वर्षीय विधवा मीरां देवी को जलदाय विभाग की ओर से 79,755 रुपये का पानी का बिल जारी किया गया है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि उनके घर में पानी का कनेक्शन तक नहीं है और वह रोजाना पड़ोसियों से पानी लाकर गुजारा करती हैं। बिल में 51 किलोलीटर पानी की खपत दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद जलदाय विभाग ने जांच कराने की बात कही है।
पति की मौत के बाद पेंशन के सहारे चल रहा परिवार
रायसिंहनगर की रहने वाली मीरां देवी की जिंदगी लंबे समय से संघर्षों में गुजर रही है। करीब 20 साल पहले उनके पति आसाराम का निधन हो गया था। परिवार में उनका एक अविवाहित बेटा है, जो बेरोजगार है और टीबी से पीड़ित बताया गया है। उसका इलाज बीकानेर में चल रहा है।ऐसे में घर का खर्च और बेटे के इलाज की जिम्मेदारी मीरां देवी पर है। वृद्धावस्था पेंशन से मिलने वाली राशि ही परिवार की आजीविका का प्रमुख सहारा है। सीमित आमदनी के बीच हजारों रुपये का पानी का बिल मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
घर में न नल, न पानी की टंकी; फिर कैसे आया बिल?
मीरां देवी के मुताबिक, उनके घर में पानी का नल कनेक्शन नहीं है और न ही पानी की टंकी लगी हुई है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए वह पड़ोसियों के घर से पानी लाती हैं।ऐसे में 79,755 रुपये का बिल मिलने पर वह हैरान रह गईं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जब घर में पानी का कनेक्शन ही नहीं है, तो इतनी बड़ी राशि का बिल कैसे जारी हो गया।उन्होंने यह बिल पार्षद प्रतिनिधि योगेश बिश्नोई को दिखाकर अपनी परेशानी बताई। परिवार के अनुसार, आसपास के लोगों का भी कहना है कि घर में दशकों से पानी का कनेक्शन नहीं है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि विभागीय रिकॉर्ड और मौके की जांच से होनी बाकी है।
बिल में 51 किलोलीटर पानी की खपत दर्ज
जलदाय विभाग की ओर से जारी बिल में मीरां देवी के पुत्र रुपराम पुत्र आसाराम का नाम दर्ज है। बिल में 77,172 रुपये पुराना बकाया दिखाया गया है। इसके अलावा 2,315 रुपये ब्याज और 170 रुपये आईडीसी शुल्क जोड़ा गया है। वहीं, 665 रुपये की सरकारी छूट भी दर्ज है।बिल में मीटर रीडिंग के स्थान पर औसत खपत के आधार पर 51 किलोलीटर पानी इस्तेमाल होना दर्शाया गया है। चालू माह का जल शुल्क 678 रुपये बताया गया है।अब जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि बिल किस कनेक्शन और रिकॉर्ड के आधार पर जारी हुआ। साथ ही, औसत खपत दर्ज करने और पुराने बकाये की गणना की भी जांच की जानी चाहिए।
गैस कनेक्शन मिला, लेकिन सिलेंडर भरवाना मुश्किल
मीरां देवी को उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिला हुआ है। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण सिलेंडर भरवाने के लिए पैसे जुटाना मुश्किल है। इसलिए उन्हें अब भी लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता है।यह स्थिति बताती है कि सरकारी सुविधा मिलने के बावजूद नियमित खर्च उठाने में असमर्थ परिवारों के लिए उसका इस्तेमाल कठिन हो सकता है। ऐसे में पानी के बिल जैसी अतिरिक्त आर्थिक परेशानी उनके लिए और गंभीर बन जाती है।
जलदाय विभाग ने जांच कराने की बात कही
रायसिंहनगर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता इन्द्राज सिंह डागला ने कहा कि संभव है कि पहले कभी इस घर में पानी का कनेक्शन रहा हो। हालांकि, बिना कनेक्शन के बिल जारी होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं था।उन्होंने प्रकरण की जांच कराकर वास्तविक स्थिति का पता लगाने की बात कही है। अब विभागीय जांच में कनेक्शन के रिकॉर्ड, पुराने बकाये, मीटर रीडिंग और बिल जारी करने की प्रक्रिया की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी बिल की वास्तविक स्थिति
85 वर्षीय मीरां देवी के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना पानी के कनेक्शन के उनके परिवार के नाम इतना बड़ा बिल कैसे जारी हुआ। सीमित आय और बेटे के इलाज के बीच यह राशि उनके लिए बड़ी चिंता बन गई है।अब जलदाय विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि बिल में कोई तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी गलती हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। जरूरत पड़ने पर बिल में सुधार और बकाये की समीक्षा भी की जा सकती है। फिलहाल बुजुर्ग महिला को विभाग की जांच और समाधान का इंतजार है।