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राजस्थान में ग्वार के भाव में उछाल, एक महीने में 1600 रुपए से ज्यादा की तेजी

राजस्थान में ग्वार के भाव में करीब चार साल बाद बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। एक महीने पहले 6,000 रुपए प्रति क्विंटल बिकने वाला ग्वार अब 7,600 रुपए तक पहुंच गया है। कीमतों में 1,600 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी से किसानों और स्टॉकिस्ट व्यापारियों को राहत मिली है। कमजोर मानसून के कारण उत्पादन घटने और मांग बढ़ने को तेजी की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। बाजार में भाव 10,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है।

कमजोर मानसून से ग्वार उत्पादन घटने का अनुमान

राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा और गुजरात में ग्वार की खेती होती है। सामान्य परिस्थितियों में इन क्षेत्रों में ग्वार का अच्छा उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष कमजोर मानसून के चलते पैदावार प्रभावित होने का अनुमान है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सामान्य वर्ष में ग्वार की उपज करीब एक से सवा लाख बोरी बताई जाती है। इस बार उत्पादन घटकर 35 से 40 हजार बोरी रहने का अनुमान है। हालांकि, इन आंकड़ों का क्षेत्र और समय के आधार पर आधिकारिक सत्यापन जरूरी है।उत्पादन में कमी और बाजार में मांग बने रहने से कीमतों में तेजी आई है। लंबे समय से कम भाव मिलने के कारण कई किसान ग्वार की खेती से दूरी बना रहे थे। अब भाव बढ़ने से उन्हें अगली फसल को लेकर उम्मीद जगी है।

एक महीने में 6,000 से 7,600 रुपए तक पहुंचे भाव

ग्वार के बाजार भाव में पिछले एक महीने के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जहां ग्वार करीब 6,000 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा था, वहीं अब इसका भाव 7,600 रुपए तक बताया जा रहा है।इस हिसाब से प्रति क्विंटल कीमत में 1,600 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इससे उन किसानों और व्यापारियों को फायदा मिल सकता है, जिनके पास ग्वार का स्टॉक मौजूद है।हालांकि, वास्तविक लाभ मंडी, गुणवत्ता, नमी और बिक्री के समय मिलने वाले भाव पर निर्भर करेगा। अलग-अलग मंडियों में कीमतों में अंतर भी हो सकता है।

ग्वार का इस्तेमाल कई उद्योगों में

ग्वार का उपयोग केवल कृषि और पशु आहार तक सीमित नहीं है। इससे तैयार होने वाले ग्वार गम की मांग कई औद्योगिक क्षेत्रों में रहती है।ग्वार गम का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों, दवा, कागज, वस्त्र और कॉस्मेटिक उद्योगों में किया जाता है। इसके अलावा तेल और गैस कुओं की ड्रिलिंग में भी इसका उपयोग होता है।औद्योगिक मांग और उपलब्ध स्टॉक की स्थिति ग्वार की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, पशु आहार के लिए ग्वार का इस्तेमाल होने के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से पशुपालकों की लागत भी बढ़ सकती है।

वर्ष 2012 में 31 हजार रुपए तक पहुंचा था भाव

ग्वार के भाव में इससे पहले वर्ष 2012 में भी बड़ी तेजी देखने को मिली थी। उस समय इसकी कीमत करीब 31,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। इससे किसानों और स्टॉकिस्ट व्यापारियों को काफी फायदा हुआ था।हालांकि, बाद में बाजार में कीमतों में भारी गिरावट आई। ग्वार के भाव घटकर करीब 4,500 से 5,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। इस गिरावट से कई किसानों और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।अब चार साल बाद कीमतों में तेजी आने से बाजार में फिर हलचल है। हालांकि, मौजूदा तेजी कितने समय तक बनी रहती है, यह उत्पादन, मांग और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

क्या 10 हजार रुपए तक पहुंचेंगे ग्वार के भाव?

बाजार में ग्वार के भाव 10,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उत्पादन में कमी और मांग का दबाव बना रहने पर कीमतों को समर्थन मिल सकता है।हालांकि, यह केवल बाजार का अनुमान है, इसकी गारंटी नहीं है। किसानों को बिक्री से पहले स्थानीय मंडी के ताजा भाव, गुणवत्ता के आधार पर मिलने वाली कीमत और बाजार की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।फिलहाल ग्वार के बढ़ते भाव ने राजस्थान के किसानों और व्यापारियों को राहत दी है। आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा पर सबकी नजर रहेगी।

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Stv News Rajasthan

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