राहुल गांधी की चाय बैठक से पहले विपक्ष का हमला, नेताओं ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं को चाय बैठक के लिए आमंत्रित किया। बैठक से पहले विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने दावा किया कि मोदी सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है। वहीं, शशि थरूर ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा पर जोर दिया। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
भूपेश बघेल बोले—सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया
कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि देशभर में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं।बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को बदनाम करने और उसके प्रभाव को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है।बघेल ने यह भी दावा किया कि सरकार के पास अब कुछ ही दिन बचे हैं। यह बयान विपक्ष के राजनीतिक रुख को दर्शाता है। हालांकि, सरकार के भविष्य को लेकर उनका दावा एक राजनीतिक टिप्पणी है।
शशि थरूर ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर दिया जोर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य देश के लोकतंत्र और गणतंत्र की रक्षा करना है। उन्होंने नागरिकों के संवैधानिक मतदान अधिकार को सुरक्षित रखने की जरूरत बताई।थरूर के मुताबिक, चुनाव कराने वाली संस्था पर जनता का भरोसा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया तभी विश्वसनीय मानी जाएगी, जब लोगों को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विश्वास होगा।प्रदर्शन कब तक जारी रहेगा, इस सवाल पर उन्होंने चुनाव आयोग में जनता के भरोसे को महत्वपूर्ण बताया। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
कार्ति चिदंबरम ने SIR और फॉर्म 6-7 पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव बनाए रखने और कथित अनियमितताओं के बारे में लोगों को जागरूक करने की बात कही।कार्ति चिदंबरम ने SIR लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने आयोग पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप भी लगाया।उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण फॉर्म 6 और 7 से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
दीपेंद्र हुड्डा ने मार्च में शामिल लोगों का जताया आभार
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पिछले दिन हुए मार्च को ऐतिहासिक बताते हुए इसमें शामिल लोगों का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा से आए लोगों की भागीदारी का उल्लेख किया।हुड्डा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च में हिस्सा लिया। उनके अनुसार, इस भागीदारी से आंदोलन को मजबूती मिली।उन्होंने निष्पक्ष चुनाव आयोग और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग दोहराई। हुड्डा ने कहा कि इन मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जॉन ब्रिटास ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष अपनी रणनीति के तहत आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर ज्ञानेश कुमार का समर्थन करने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर सरकार को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।उन्होंने सरकार से अपने रुख पर विचार करने की अपील की। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
चाय बैठक में आगे की रणनीति पर नजर
राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई चाय बैठक को विपक्ष की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है।विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहा है। दूसरी ओर, इन आरोपों और मांगों पर चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।आगे यह देखना होगा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर किस तरह की रणनीति अपनाता है और विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या निर्णय लिए जाते हैं।