खैरथल में पूर्व सैनिक की संदिग्ध मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन
खैरथल-तिजारा जिले के खरोला गांव में पूर्व सैनिक शेरसिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। परिजनों ने जमीन विवाद के चलते मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने जिला अस्पताल के बाहर धरना दिया और खैरथल-हरसौली मार्ग पर जाम लगाया। डीएसपी लालसिंह यादव ने दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खेत की डोल दिखाने के बहाने घर से बुलाने का आरोप
परिवादी कृष्ण कुमार के अनुसार, 11 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे नरेश पुत्र जगदीश उनके पिता शेरसिंह को खेत की डोल दिखाने के बहाने घर से बुलाकर ले गया। आरोप है कि खेत में पहले से मोतीलाल, रमेश, कन्हैया, संजय और धर्मपाल मौजूद थे। कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि वहां सभी ने मिलकर उनके पिता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। परिजनों के अनुसार, घटना की वजह जमीन विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, मारपीट और हत्या के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता को बचाने पहुंचे बेटे से भी मारपीट का आरोप
कृष्ण कुमार ने बताया कि पिता के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर वह उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की। इसी दौरान ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। कृष्ण कुमार के अनुसार, तब तक उनके पिता की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद शेरसिंह के शव को खैरथल के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। घटना की जानकारी फैलने के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम से इनकार, जिला अस्पताल के बाहर धरना
परिजनों ने पुलिस पर मामले में कार्रवाई करने में देरी का आरोप लगाया। विरोध स्वरूप उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने खैरथल-हरसौली मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों की मांग थी कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए।
डीएसपी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर किशनगढ़बास के डीएसपी लालसिंह यादव करीब दो बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया और सड़क पर लगाया गया जाम हटा लिया। अब पुलिस की कार्रवाई पर परिजनों की नजर है। आश्वासन के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आगामी दो दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
खैरथल थानाधिकारी रामकिशन यादव के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों, घटना की परिस्थितियों और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पूर्व सैनिक की मौत का वास्तविक कारण और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई पर टिकी नजर
पूर्व सैनिक शेरसिंह की मौत के बाद खरोला गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी। परिजनों ने जमीन विवाद को घटना की वजह बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की जानकारी दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।