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दिल्ली के कनॉट प्लेस में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई हिरासत में

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। 10 अक्टूबर को कनॉट प्लेस सहित राजधानी के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके और उनके दो सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया। अगले दिन अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

कनॉट प्लेस में नारेबाजी, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में SFI, AISF और AIYF से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास भी प्रदर्शन में शामिल हुए।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया। राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। पुलिस ने यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग सहित अन्य इंतजाम भी किए।

CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर विरोध

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।विरोध करने वाले संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल हैं। वहीं, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों को लेकर उठाए गए आरोपों की स्थिति संबंधित आधिकारिक जवाबों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास भी हिरासत में

CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी फ्लाइट के उतरने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की गई।

अदालत ने 11 अक्टूबर को रिहाई का आदेश दिया

11 अक्टूबर को तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उनकी रिहाई का आदेश दिया।दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों ने शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर 50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा। यह शर्त एक वर्ष की अवधि के लिए लागू बताई गई है।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कई हिस्सों में पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ इलाकों में मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए गए तथा यातायात को नियंत्रित किया गया।जंतर-मंतर तक पहुंचने में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। इसके चलते राजधानी के कुछ हिस्सों में आवाजाही प्रभावित हुई।

प्रदर्शन और हिरासत पर जारी बहस

CEC के इस्तीफे की मांग और SIR को लेकर प्रदर्शन ने चुनाव आयोग की भूमिका, विरोध प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की कार्रवाई पर बहस को तेज किया है। प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस ने सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के मद्देनजर कार्रवाई की।फिलहाल जॉन ब्रिटास और अन्य प्रदर्शनकारियों की हिरासत से जुड़ी घटनाओं तथा CJP नेताओं की रिहाई के बाद आगे की गतिविधियों पर नजर है। चुनाव आयोग से जुड़े विवादों पर अलग-अलग पक्षों के दावे और आधिकारिक जवाब महत्वपूर्ण रहेंगे।

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Stv News Rajasthan

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