जैसलमेर में शारदीय नवरात्र का आगाज, घट स्थापना के साथ देवी मंदिरों में होंगे अनुष्ठान
जैसलमेर। श्राद्धपक्ष की समाप्ति के साथ रविवार से जैसलमेर में शारदीय नवरात्र का नौ दिवसीय पर्व शुरू होगा। घट स्थापना के साथ जिले के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। तनोटराय से लेकर नभ डूंगर तक श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए पहुंचेंगे। वहीं, महानवमी पर विशेष पूजा और यज्ञ-अनुष्ठानों के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की पूर्णाहुति होगी।
जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में होंगी विशेष पूजा
शारदीय नवरात्र को लेकर जैसलमेर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तनोटराय, देगराय, तेम्बड़ेराय, नभ डूंगर, काले डूंगराय, गजरूप सागर स्थित स्वांगियाराय, घंटियालीराय और हिंगलाज माता मंदिर में घट स्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होगी।इसके अलावा देवीकोट स्थित आशापूरा मंदिर, भादरिया राय माता मंदिर, आशापूर्णा, खींवज मातेश्वरी, सच्चियाय माता और जाज्वला मैया सहित विभिन्न मंदिरों में भी धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिरों में श्रद्धालु सुख-समृद्धि और मंगल कामना के साथ पूजा-अर्चना करेंगे।
सफाई और सजावट के साथ मंदिरों में तैयारियां पूरी
नवरात्र को देखते हुए जिले के देवी मंदिरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दर्शन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।नौ दिनों तक मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का माहौल रहेगा। वहीं, स्वर्णनगरी के विभिन्न मोहल्लों में भी नवरात्र का उत्साह दिखाई देगा। कई स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। शाम के समय गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित होंगे। इससे शहर में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उत्सव की रौनक भी देखने को मिलेगी।
भादरिया राय माता मंदिर में रविवार को भरेगा मेला
लाठी क्षेत्र के भादरिया गांव स्थित शक्तिपीठ भादरिया राय माता मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर रविवार को मेला आयोजित होगा। मेले को लेकर जगदंबा सेवा समिति ट्रस्ट ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।पोकरण क्षेत्र और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई और दर्शन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए कतारों की व्यवस्था
जगदंबा सेवा समिति ट्रस्ट के सचिव जुगलकिशोर आसेरा ने बताया कि मेले के आयोजन से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।मंदिर परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया गया है। दर्शनार्थियों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से माता के दर्शन करने में सुविधा मिलेगी।
ट्रस्ट सदस्यों के साथ ग्रामीण भी जुटे
मेले की व्यवस्थाओं में जगदंबा सेवा समिति ट्रस्ट के सदस्यों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं। अशोक सोडानी, पप्पूसिंह भाटी, गोपालसिंह भाटी, जितेंद्रसिंह राठौड़, हाथीसिंह, मूलसिंह भाटी, खेताराम चौहान, कोजराजसिंह, सगतसिंह भाटी और अशोक मेघवाल सहित कई ग्रामीण व्यवस्थाएं संभालने में जुटे हैं।नवरात्र के दौरान जैसलमेर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। मंदिरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला महानवमी तक जारी रहेगा।