बीकानेर पुलिस ने पांच मामलों में फरार मनीष भादू को पकड़ा, चार जिलों में था 40 हजार का इनाम
बीकानेर। राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पांच मामलों में वांछित आरोपी मनीष भादू को बीकानेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश नेपाल, गुजरात और राजस्थान के कई शहरों तक पहुंची। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी जिलों में उस पर कुल 40 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा बाकी मामलों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
नेपाल से गुजरात तक बदलता रहा ठिकाना
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के अनुसार, मनीष भादू पुत्र भैराराम भादू पांचू थाना क्षेत्र के कुदसूं गांव का निवासी है। पुलिस का कहना है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। जांच के दौरान उसके नेपाल, गुजरात, नागौर, नोखा और जोधपुर सहित अलग-अलग स्थानों पर रहने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और काफी समय से स्कॉर्पियो गाड़ी में ठहरा हुआ था। लगातार स्थान बदलने के कारण उसकी तलाश में पुलिस को लंबे समय तक प्रयास करने पड़े।
चार जिलों में घोषित था 40 हजार रुपये का इनाम
पुलिस के अनुसार, मनीष भादू मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पांच मामलों में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जिलों की पुलिस प्रयास कर रही थी। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी में उस पर कुल 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कई मामलों में वांछित होने के कारण पुलिस उसकी तलाश को प्राथमिकता दे रही थी। गिरफ्तारी के बाद अब इन प्रकरणों में उसकी कथित भूमिका और तस्करी से जुड़े संपर्कों की जांच की जाएगी।
छह महीने से तलाश कर रही थी पुलिस टीम
आरोपी को पकड़ने के लिए सहायक उपनिरीक्षक दीपक यादव पिछले करीब छह महीने से प्रयास कर रहे थे। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इस दौरान बीकानेर और श्रीगंगानगर पुलिस को दो बार उसके छिपे होने की सूचना मिली। दोनों मौकों पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी कार्रवाई की भनक लगने पर वहां से निकल गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी और तेज कर दी।
सप्ताहभर निगरानी के बाद घेराबंदी कर गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, हालिया कार्रवाई से पहले आरोपी की गतिविधियों पर करीब एक सप्ताह तक नजर रखी गई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और तस्करी से जुड़े मामलों में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन में की गई। टीम में सीओ सिटी अनुज डाल, डीएसटी प्रभारी सुरेंद्र प्रचार, अनुसंधान अधिकारी उपनिरीक्षक गौरव बोहरा और डीएसटी के अन्य सदस्य शामिल रहे। आरोपी को पकड़ने में सहायक उपनिरीक्षक दीपक यादव की प्रमुख भूमिका बताई गई है। पुलिस अब गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े मामलों की कड़ियां जोड़ने और अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों की जांच
मनीष भादू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का फोकस मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित तौर पर नशीले पदार्थ कहां से लाए जाते थे, उनकी सप्लाई किन क्षेत्रों में होती थी और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। पांचों मामलों में सामने आए साक्ष्यों और आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।