दूदू में सरकारी स्कूल परिसर में शव जलाने का मामला, नवनिर्वाचित पार्षद समेत 5 गिरफ्तार
दूदू। स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परिसर में शव का दाह संस्कार करने और स्कूल का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दूदू पुलिस ने नगर पालिका के नवनिर्वाचित पार्षद कालूराम बागरिया समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने छुट्टी के दिन स्कूल परिसर में प्रवेश कर वहां शव का अंतिम संस्कार किया था।पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नवनिर्वाचित पार्षद समेत पांच गिरफ्तार
दूदू थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में नगर पालिका दूदू के नवनिर्वाचित पार्षद कालूराम बागरिया पुत्र घीसाराम बागरिया, गोपीराम बागरिया पुत्र चौथूराम बागरिया, राम सहाय पुत्र मुकनाराम, बोदूराम पुत्र कानाराम बागरिया और बबलू पुत्र हीराराम बागरिया शामिल हैं।सभी आरोपी माल की ढाणी, दूदू क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने पूछताछ और जांच के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की है।
छुट्टी के दिन स्कूल में जबरन घुसे
प्रधानाचार्य सरिता मीणा की ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 4 अक्टूबर को स्कूल में रविवार का अवकाश था। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे करीब 200 लोग एक शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लकड़ियों के साथ लेकर स्कूल परिसर पहुंचे।स्कूल में तैनात सुरक्षा गार्ड जगदीश गुर्जर ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि लोगों ने गार्ड को धमकाया और मुख्य द्वार का ताला तोड़कर स्कूल परिसर में प्रवेश कर लिया।
स्कूल परिसर में ही किया शव का अंतिम संस्कार
पुलिस के अनुसार परिसर में प्रवेश करने के बाद लोगों ने स्कूल के अंदर ही शव का दाह संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी देर शाम स्कूल प्रशासन को मिली।सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी।
स्कूल के गेट का ताला तोड़ने का आरोप
प्रधानाचार्य की शिकायत में स्कूल की बाउंड्री वॉल के गेट का ताला तोड़कर प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड को धमकाने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है।पुलिस का कहना है कि सरकारी शैक्षणिक संस्थान में बिना अनुमति प्रवेश करना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
2016 के बाद पहली बार हुई ऐसी घटना
प्रधानाचार्य ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 के बाद स्कूल परिसर में इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है।स्कूल परिसर का उपयोग शव के अंतिम संस्कार के लिए किए जाने से प्रशासनिक स्तर पर भी मामला गंभीर माना गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस घटनाक्रम में कितने लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या रही।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
थानाधिकारी संजय प्रसाद मीणा के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ने फिलहाल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों और बयानों की भी जांच कर रही है।
सरकारी संस्थान की सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना के बाद सरकारी स्कूल परिसरों की सुरक्षा और वहां प्रवेश की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में लोगों का स्कूल परिसर में पहुंचना और गेट का ताला तोड़ना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संस्थानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून अपने हाथ में लेने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।