अलवर में ‘स्पंदन : सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम, 100 से अधिक रक्तदाताओं और भामाशाहों का सम्मान
अलवर। रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि किसी जरूरतमंद के लिए दिया गया रक्त जीवन बचाने का जरिया बन सकता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अलवर में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रक्तदाताओं और भामाशाहों का सम्मान किया गया। रोटरी चैरिटेबल ब्लड सेंटर एवं रोटरी क्लब ऑफ अलवर की ओर से मंगलवार को प्रताप ऑडिटोरियम में ‘स्पंदन : सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम में 100 से अधिक रक्तदाताओं और भामाशाहों को सम्मानित किया गया। इनमें नियमित रूप से रक्तदान करने वाले करीब 30 रक्तदाता और 47 से अधिक भामाशाह शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य रक्तदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समाजसेवा से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना रहा।
रक्तदाताओं के सम्मान से दिया सेवा का संदेश
‘स्पंदन : सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम में उन लोगों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिन्होंने रक्तदान और रक्तसेवा के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है। नियमित रक्तदाताओं के साथ ऐसे भामाशाहों का भी सम्मान हुआ, जो रक्तसेवा से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग करते रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में उम्मीद देने का माध्यम भी है। एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्तदान किसी मरीज और उसके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
30 से अधिक नियमित रक्तदाताओं को सम्मान
कार्यक्रम में करीब 30 नियमित रक्तदाताओं का विशेष रूप से सम्मान किया गया। लगातार रक्तदान करने वाले इन लोगों को मंच पर सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।आयोजकों ने कहा कि नियमित रक्तदाताओं की वजह से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। ऐसे लोगों का सम्मान दूसरे युवाओं और नागरिकों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित कर सकता है।
47 से अधिक भामाशाह भी सम्मानित
रक्तदान अभियान को मजबूत बनाने में सहयोग करने वाले भामाशाहों को भी कार्यक्रम में सम्मान दिया गया। 47 से अधिक भामाशाहों को उनके सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।आयोजकों के अनुसार रक्तसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सामाजिक और आर्थिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे सहयोग से रक्त संग्रह, जागरूकता और जरूरतमंदों तक रक्त पहुंचाने से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलती है।
ऋचा अनिरुद्ध ने साझा किए ‘जिंदगी लाइव’ के अनुभव
कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर ऋचा अनिरुद्ध मुख्य आकर्षण रहीं। उन्होंने अपने चर्चित शो ‘जिंदगी लाइव विद ऋचा’ से जुड़े अनुभव साझा किए।उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को सकारात्मक रहने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।ऋचा अनिरुद्ध ने रक्तदान को भी इसी सेवा भावना से जोड़ते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए हमेशा बड़ी चीज करने की जरूरत नहीं होती। छोटा सा प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
दिव्यांग कलाकार कमलेश पटेल ने दी शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम में गुजरात से आए दिव्यांग कलाकार कमलेश पटेल ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।कमलेश पटेल की प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि प्रतिभा और उत्साह के सामने शारीरिक चुनौतियां बाधा नहीं बनतीं। उनकी प्रस्तुति के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ उनका हौसला बढ़ाया।
अतिथियों ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी पर रखे विचार
कार्यक्रम में ईटाराणा छावनी के कर्नल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी केंद्र अलवर की ममता दीदी, भरतपुर केंद्र की फाल्गुनी दीदी, पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल और डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ब्रजमोहन सहित कई अतिथि मौजूद रहे।अतिथियों ने रक्तदान के महत्व और समाजसेवा से जुड़े प्रयासों पर अपने विचार रखे। उन्होंने रक्तदाताओं और भामाशाहों के योगदान की सराहना करते हुए लोगों से सामाजिक कार्यों में आगे आने की अपील की।
मंच संचालन ने बांधे रखा कार्यक्रम
कार्यक्रम का मंच संचालन नीरज जैन, मनीष जैन और अर्चना ने किया। मंच संचालन के दौरान कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।सम्मान समारोह, अतिथियों के संबोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुति के बीच कार्यक्रम में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
युवाओं को रक्तदान के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। आयोजकों ने लोगों से नियमित अंतराल पर रक्तदान करने और जरूरत के समय दूसरों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।रक्तदान को लेकर समाज में मौजूद कई तरह की भ्रांतियों को दूर करने और स्वस्थ लोगों को इस अभियान से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। आयोजकों का मानना है कि अधिक से अधिक लोग रक्तदान से जुड़ें तो जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
सेवा करने वालों को सम्मान देना भी जरूरी
‘स्पंदन : सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम सिर्फ सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा। इसने समाज में सेवा करने वाले लोगों के योगदान को सामने लाने का भी काम किया।रक्तदाता अपना रक्त देकर किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, जबकि भामाशाह अलग-अलग स्तर पर इस सेवा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देते हैं। ऐसे लोगों को सम्मान मिलने से सेवा की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि समाज में बदलाव केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयासों से भी आता है। रक्तदान जैसे कार्यों में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी जरूरतमंदों के लिए जीवन की उम्मीद बन सकती है।