SIR पर INDIA ब्लॉक का बड़ा प्रदर्शन, खरगे बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक ने आंदोलन तेज कर दिया है। बुधवार को विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखेगा।ताजा घटनाक्रम के मुताबिक करीब 300 विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जुटने की तैयारी थी। इससे पहले INDIA ब्लॉक के सांसदों ने केंद्रीय दिल्ली में बैठक और लंच किया। इसके बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेता जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।
जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान
INDIA ब्लॉक के सांसदों की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन को लेकर विपक्ष का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता जंतर-मंतर पर धरना देंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की मुहिम का हिस्सा है। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर भी लगातार सवाल उठा रहे हैं। INDIA ब्लॉक की प्रमुख मांगों में CEC के इस्तीफे के साथ SIR को रोकना और हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करना शामिल है।
सागर रत्ना में हुई लंच मीटिंग
जंतर-मंतर रवाना होने से पहले विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना में लंच मीटिंग आयोजित की गई। इसकी मेजबानी मल्लिकार्जुन खरगे ने की।बैठक में INDIA ब्लॉक के कई सांसद शामिल हुए। बैठक के बाद विपक्षी नेता बसों के जरिए प्रदर्शन स्थल की ओर रवाना हुए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल रहे।
SIR को लेकर विपक्ष की क्या आपत्ति है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हो सकते हैं। उनका कहना है कि नाम हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।INDIA ब्लॉक का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें बहाल किया जाना चाहिए। साथ ही विपक्ष चुनाव आयोग से प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर विस्तृत जवाब मांग रहा है।हालांकि, ये विपक्षी दलों के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके आधिकारिक पक्ष को इन दावों से अलग देखा जाना चाहिए।
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई के पीछे केंद्र सरकार का प्रभाव है।खरगे ने लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।ये खरगे और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इनकी पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब को भी ध्यान में रखना होगा।
‘केस से डरेंगे नहीं’ वाला रुख
खरगे ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष किसी भी कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।INDIA ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।
मंगलवार के प्रदर्शन के बाद बढ़ा दबाव
इससे एक दिन पहले भी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची और SIR को लेकर आयोग के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की थी।पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका था। कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विरोध और तेज हो गया।
आंदोलन अब कई दिनों तक चलने के संकेत
दिल्ली में SIR और CEC के मुद्दे पर विरोध लगातार बढ़ रहा है। AAP, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं।ताजा घटनाक्रम में INDIA ब्लॉक का जंतर-मंतर प्रदर्शन विपक्ष की संयुक्त रणनीति का हिस्सा है। वहीं, आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन और राजनीतिक कार्यक्रम जारी रहने के संकेत हैं।