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279 नए कांस्टेबलों ने ली पुलिस सेवा की शपथ, ADG दिनेश एमएन ने ली दीक्षांत परेड की सलामी

अलवर। ग्राम ठेकड़ा स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में बुधवार को आरक्षी प्रशिक्षु बैच संख्या 10/2026 का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 279 रिक्रूट कांस्टेबलों ने पुलिस सेवा में प्रवेश किया। प्रशिक्षुओं ने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ परेड में कदमताल की। मुख्य अतिथि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन ने दीक्षांत परेड की सलामी ली।समारोह में केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रशिक्षण केंद्रों के अधिकारी, अलवर के सेवारत और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी तथा प्रशिक्षुओं के परिजन मौजूद रहे।

16 फरवरी से शुरू हुआ था प्रशिक्षण

आरक्षी प्रशिक्षु बैच 10/2026 का नियमित प्रशिक्षण 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। करीब आठ महीने के प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षुओं ने दीक्षांत परेड में हिस्सा लिया।इस बैच में कोटपूतली-बहरोड़ के 116, बूंदी के 39, भिवाड़ी के 57, जीआरपी अजमेर के 66 और करौली के एक रिक्रूट कांस्टेबल शामिल रहे। कुल 279 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सम्मानित

दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कांस्टेबलों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।भिवाड़ी के अनिल पुत्र भलेसिंह को ऑलराउंडर का पुरस्कार मिला। कोटपूतली-बहरोड़ के कृष्ण कुमार पुत्र नरेश गुर्जर को इंडोर प्रथम चुना गया।भिवाड़ी के अनिल परमार पुत्र मुरारी सिंह ने आउटडोर में प्रथम स्थान हासिल किया। जीआरपी अजमेर के सुमित कुमार सुमन पुत्र महेश कुमार सुमन को फायरिंग में प्रथम पुरस्कार मिला।वहीं कोटपूतली-बहरोड़ के मोहित कुमार पुत्र संजय कुमार को ड्रिल में प्रथम पुरस्कार दिया गया।

पुलिस की नौकरी समाज सेवा का अवसर: दिनेश एमएन

समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में एडीजी दिनेश एमएन ने कहा कि पुलिस की नौकरी केवल रोजगार नहीं है। यह समाज की सेवा और आमजन की समस्याओं के समाधान का अवसर भी है।उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी सफलता तब मानी जाती है, जब आम नागरिक दिन हो या रात, खुद को सुरक्षित महसूस करे। उन्होंने पुलिसिंग में हर स्तर के कर्मचारी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

टीमवर्क से मजबूत होगी कानून-व्यवस्था

दिनेश एमएन ने कहा कि कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तक हर पुलिसकर्मी पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी है। कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर आपसी समन्वय जरूरी है।उन्होंने नए कांस्टेबलों से अनुशासन, जिम्मेदारी और आमजन के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।

ड्रोन से नशा तस्करी बड़ी चुनौती

एडीजी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी को पुलिस के सामने उभरती चुनौती बताया।उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और अन्य सामग्री भारतीय सीमा में गिराने के मामले बढ़े हैं। राजस्थान पुलिस, एटीएस, एएनटीएफ तथा श्रीगंगानगर, बीकानेर और बाड़मेर पुलिस के समन्वय से ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

ANTF और AGTF की कार्रवाई का भी जिक्र

दिनेश एमएन ने बताया कि एएनटीएफ इनामी अपराधियों, एमडी ड्रग्स की लैब और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।वहीं एजीटीएफ विदेशों में छिपे गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वित कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया।

अब फील्ड में निभाएंगे जिम्मेदारी

दीक्षांत परेड के साथ 279 प्रशिक्षु कांस्टेबलों का प्रशिक्षण पूरा हो गया। अब ये पुलिसकर्मी अलग-अलग इकाइयों और जिलों में अपनी सेवाएं देंगे।प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता और पुलिसिंग कौशल का इस्तेमाल उन्हें फील्ड ड्यूटी में करना होगा। दीक्षांत समारोह के साथ उनके पुलिस सेवा के नए चरण की शुरुआत हुई।

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Stv News Rajasthan

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