जोधपुर से मुंबई तक फैला वर्क फ्रॉम होम का जाल, 200 से ज्यादा युवतियों से संपर्क
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर युवतियों को निशाना बनाने वाले कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से 30 युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो और चैट मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा 200 से ज्यादा युवतियों से संपर्क का रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है। मामले की शुरुआत जोधपुर की एक युवती की शिकायत से हुई थी।
नौकरी का झांसा देकर शुरू होता था संपर्क
पुलिस के अनुसार 31 अगस्त को एक युवती ने महिला थाना जोधपुर ग्रामीण में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि उसने ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था।विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। ऑनलाइन काम दिलाने के नाम पर उससे पहचान संबंधी दस्तावेज और हस्ताक्षर लिए गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर रील्स को लाइक, शेयर और रिव्यू करने जैसे टास्क दिए गए।
निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने काम के नाम पर युवती से संपर्क बनाए रखा। इसी दौरान उसके निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लिए गए। इसके बाद कथित तौर पर इन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।पीड़िता ने आरोप लगाया कि उससे पैसे भी वसूले गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जोधपुर आया और उसे एक होटल में बुलाकर उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई।
मुंबई तक पहुंची पुलिस की जांच
साइबर सेल ने शिकायत के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस टीम ने लगातार निगरानी के बाद आरोपियों के मुंबई में होने की पुष्टि की।इसके बाद पुलिस टीम मुंबई भेजी गई। करीब दो दिन तक निगरानी और रैकी के बाद मुख्य आरोपी फैजान अहमद को गिरफ्तार किया गया। वह मुंबई के मानखुर्द इलाके का रहने वाला बताया गया है। उसके साथी आमीर हुसैन को भी पकड़ा गया।
मोबाइल से मिले कई डिजिटल साक्ष्य
पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में 30 युवतियों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो और चैट मिले हैं। इसके अलावा एक कंपनी के नाम से वर्क फ्रॉम होम से जुड़े प्रोफाइल भी मिले हैं।इन प्रोफाइल में युवतियों के मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और टास्क से संबंधित जानकारी दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
राजस्थान से देशभर तक संपर्क
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के संपर्क में राजस्थान की करीब 10 युवतियां थीं। मुंबई की 50 से अधिक युवतियों से संपर्क का रिकॉर्ड भी मिला है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों की 200 से ज्यादा युवतियों से संपर्क की जानकारी सामने आई है।जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में भी मामला दर्ज है। पुलिस अब दोनों मामलों के बीच संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
आरोपियों से पूछताछ जारी
जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव के अनुसार, शिकायत के बाद जांच साइबर सेल के निरीक्षक रमेश कुमार सरवटा के नेतृत्व में शुरू की गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुंबई से पकड़ा है।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, पीड़ित युवतियों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों पर है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।