लोन की किस्तें नहीं चुकाने पर मकान सील, ग्रामीणों ने ताला तोड़कर परिवार को कराया प्रवेश
सीकर। सीकर जिले के मूंडरू क्षेत्र की ग्राम पंचायत मऊ में लोन विवाद को लेकर मामला सामने आया है। एक निजी फाइनेंस कंपनी ने कथित तौर पर लोन की किस्तें नहीं चुकाने पर परिवार का मकान सील कर दिया। इसके बाद परिवार कई दिनों तक घर से बाहर रहने को मजबूर रहा। मामले की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए मकान का ताला तोड़ दिया। इसके बाद परिवार को दोबारा घर के अंदर प्रवेश कराया गया।
2022 में मकान पर लिया था लोन
जानकारी के अनुसार मऊ निवासी बाबूलाल जाट ने वर्ष 2022 में अपने मकान पर निजी फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। बाबूलाल के अनुसार वह हर महीने करीब 18 हजार रुपये की किस्त चुका रहा था। हालांकि, पिछले कुछ समय से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई।आर्थिक परेशानी के चलते वह करीब 14 महीने से लोन की किस्तें नहीं चुका पाया। इसके बाद फाइनेंस कंपनी की ओर से मकान को लेकर कार्रवाई की गई। परिवार का आरोप है कि उसे मकान खाली करना पड़ा।
26 सितंबर को मकान किया गया सील
परिवार के मुताबिक 26 सितंबर को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी मकान पर पहुंचे। इसके बाद मकान पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद बाबूलाल अपने चार बच्चों और वृद्ध मां के साथ घर से बाहर हो गया।परिवार का कहना है कि कई दिनों तक उन्हें खुले में रहने की स्थिति का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर जताया विरोध
मामले के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण बाबूलाल के मकान के बाहर एकत्रित हुए। माकपा के तहसील सचिव विजेंद्र सिंह और अन्य ग्रामीण नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।ग्रामीणों ने फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि आर्थिक परेशानी से जूझ रहे परिवार को इस तरह घर से बाहर करना उचित नहीं है।
ताला तोड़कर परिवार को कराया प्रवेश
विरोध के दौरान ग्रामीणों ने मकान पर लगाए गए तालों को तोड़ दिया। इसके बाद बाबूलाल और उसके परिवार को दोबारा मकान के अंदर प्रवेश कराया गया।ग्रामीणों ने कहा कि परिवार को घर से बाहर रहने की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने मामले में उचित समाधान की मांग की है।
लोन विवाद में कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले के सामने आने के बाद निजी फाइनेंस कंपनियों की वसूली प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई पक्ष सामने आया है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मामले का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। फिलहाल मकान पर कब्जे और लोन वसूली से जुड़े विवाद की पूरी स्थिति संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।